बडी कार्यवाही की गई……

एटा।जिलाधिकारी डाo विभा चहल के द्वारा चर्चित लिपिक महेश यादव को अपने पद से डिमोट किया गया, पहले महेश यादव वरिष्ठ सहायक पद पर कार्यरत थे परंतु तमाम आरोपो मे गम्भीर संलिप्तता होने की वजह से वेतनमान ग्रेड पे 4200 से घटाकर मूल वेतन पर करते हुये 2000 कर दिया गया है,साथ की महेश यादव के सस्पेन्शन अवधी के वेतन की भी कटौती की गई है,
बतौर महेश यादव के विरुद्ध…
लिपिक महेश यादव के विरुद्ध आय से अधिक संपत्ति के मामले,व राजनैतिक मामलो के सहारे गलत तरीके से नगर पालिका मे अपने भाई को ठेका दिलाने व शस्त्र लिपिक के पद का दुरूपयोग करते हुये फ़र्जीवाडा करने आदि मामलो मे जांच चल रही थी,
पूर्व उपजिलाधिकारी अलीगन्ज प्यारे लाल मोरिया द्वारा जांच आख्या दी गई थी,उस जांच आख्या के आधार पर जिलाधिकारी डा0विभा चहल द्वारा इस पूरे प्रकरण पर बडी कार्यवाही की गई है,
सतर्कता जांच मे भी शासन ने संज्ञान लिया था ….
आय से अधिक संपत्ति के मामले मे सतर्कता विभाग ने महेश यादव को सहारपुर संबध कर दिया था क्यू कि विभाग का मानना था कि महेश यादव के रहते जनपद मे जांच मे बाधा उत्पन्न हो सकती थी,परंतु महेश यादव द्वारा तभी से मेडिकल लीव लेकर जनपद मे रहना हो रहा था,
सरकार की मंशा साफ़ है…..
पिछले चार साल की BJP सरकार के ग्राफ़ को गौर से देखा जाये तो मालूम होता है कि किसी भी तरह के अपराध रहे हो.. वो चाहे छोटा हो या बड़े ओहदे वाला व्यक्ति किसी को नहीं बक्शा गया है..झाँसी से लेकर मेरठ तक उत्तर प्रदेश सरकार के इन्ही कामो की दुनिया के अन्तरराष्ट्रीय मंच पर तारीफ़ की जा रही है,….यह ग्राफ़ सरकार को 2022 के चुनाव मे नैया पार कराये…!!!!