
करोना काल में पुलिस का यह चेहरा भी देखने को आया। एटा इस काल में जहां चारों को महामारी फैली हुई है वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य कर्मी सफाई कर्मी डॉक्टर नर्स स्टाफ एवं मेडिकल स्टाफ अपने कार्य को पूर्ण अंजाम दे रहा है यह किसी से बात करती थी एवं तभी नहीं है वहीं दूसरी ओर पुलिस का एक मानवीय चेहरा भी सामने आया 24 घंटे अपनी ड्यूटी को अंजाम देने के बाद जरूरतमंदों की मदद एवं जो सूची में भी शामिल नहीं है उन काम को अंजाम देकर पुलिस ने यह दिखा दिया है कि जो सभी पुलिस की जो सूरत आम जन में बनी हुई थी कि पुलिस गाली-गलौच और लाठी से ही बात करती है वह पुलिस आज मजबूर लोगों के सामने कन्धे से कंधा
मिलाकर खड़ी हुई है करोना काल में चाय किसी जरूरतमंद को खाना पहुंचाना हो या फिर उसकी मदद करना हो या अपने गंतव्य स्थान तक जा रहे लोगों को सही रास्ता दिखाना पुलिस का यह मानवीय चेहरा सामने आया पुलिस जन जागरण अभियान जहां चला रही है वही करो ना माहवारी को लेकर सहायता के लिए आज एटा पुलिस ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक उदय शंकर सिंह के निर्देश पर शहर के विभिन्न स्थानों पर पुलिस सहायता प्राप्त करने के लिए 5,000 पोस्टर 2,000 पंपलेट एवं सैकड़ों की संख्या में वोटिंग लगाएं पुलिस की इस सराहनीय पहल को चारों ओर प्रशंसा की जा रही है