
कोरोना से मृत शिक्षकों की मांगीं पत्रावलियां
एटा : पंचायत चुनाव के दौरान कोरोना से मरने वाले शिक्षकों के आश्रितों को नौकरी तथा पेंशन बीमा भुगतान को लेकर विभाग भी हरकत में आया है।
मुख्य सचिव के निर्देश मिलने के बाद बीएसए ने सभी खंड शिक्षाधिकारियों से मृत शिक्षकों के आश्रितों को नौकरी तथा अन्य देयकों के भुगतान को लेकर तीन दिन में पत्रावलियां तलब की हैं।
दो दिन पहले ही कोरोना से मृत शिक्षकों की सूची पर शिक्षक संगठनों द्वारा किए गए विरोध के बाद शिक्षकों के आश्रितों को राहत देने के लिए जिलास्तर पर भी सक्रियता बढ़ गई है। शासन से निर्देश मिलते ही सभी खंड शिक्षाधिकारियों को बीएसए संजय सिंह ने निर्देश दिए हैं कि कोरोना संक्रमित होने पर जिन शिक्षक, कर्मचारियों की मृत्यु हुई है उनके आश्रितों को अतिशीघ्र योग्यता के अनुरूप नौकरी दी जानी है। ऐसी स्थिति में सभी खंड शिक्षाधिकारी अपने विकास खंडों में मृत शिक्षक, कर्मचारियों के आश्रितों की नौकरी से संबंधित पत्रावलियां तथा पारिवारिक पेंशन बीमा भुगतान किए जाने के लिए कार्रवाई पूर्ण करते हुए आख्या सहित पत्रावली तीन दिन में उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी चेतावनी दी है कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। डीएम से की शिकायत
अवागढ़ विकास खंड में खंड शिक्षाधिकारी की कारगुजारी कोरोना से मृत हुए शिक्षकों के आश्रितों पर भारी पड़ रही है। ब्लाक के दो शिक्षक कोरोना से अकाल मौत का शिकार हुए और उनके परिवारीजनों ने साक्ष्यों सहित प्रार्थना पत्र खंड शिक्षाधिकारी को दिया, लेकिन पूर्व में विभाग द्वारा शासन को भेजी गई सूची में उनके नाम नहीं भेजे गए। ऐसा खंड शिक्षाधिकारी की लापरवाही से हुआ। दोनों मृत शिक्षकों के आश्रितों ने डीएम को प्रार्थना पत्र देकर मामले से अवगत कराया है। वहीं मृतकों की सूची में नाम सम्मिलित कराने का आग्रह किया है।