फाइलों में अटके रहे प्रार्थना पत्र, बिन बाबुल विदा हुई बेटी

फाइलों में अटके रहे प्रार्थना पत्र, बिन बाबुल विदा हुई बेटी

एटा – फाइलों में अटके रहे प्रार्थना पत्र, बिन बाबुल विदा हुई बेटी घर छोड़ने से पहले बेटी की ख्वाहिश होती है कि उसका पिता हंसी-खुशी विदा करे तो वही पिता की भी बेटी को विदा करने की तमन्ना होती है। अफसरशाही की उदासीनता के चलते बिन बाबुल के ही बेटी की विदाई हुई। शादी से एक दिन पहले तक मां अफसरों के दरवाजे पर भटकती रही और कोई कार्रवाई नहीं हुई।

थाना जैथरा के मोहल्ला नेहरूनगर निवासी भइया लाल सहित तीन लोगों को हत्या के मामले में 2012 में जेल भेजा गया था। 2016 में भइया लाल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। जिसके बाद वह जेल में बंद है। इनकी बेटी की उन्नीस मई को शादी थी। पत्नी ऊषा देवी ने पति भइया लाल को पैरोल पर छोड़ने के लिए डीएम को प्रार्थनापत्र दिया था। डीएम के आदेश पर जिला प्रोबेशन अधिकारी जैथरा पुलिस ने दो बिंदुओं पर आख्या मांगी थी। जैथरा पुलिस ने दो बिंदुओं पर आख्या भी दे दी। कुछ कारणवश एसएसपी कार्यालय से वह फाइल फिर से जैथरा थाना भेज दी गई। जैथरा पुलिस ने अपनी कार्रवाई करने के बाद फाइल एसएसपी कार्यालय भेज दी। सभी कार्रवाई होने के बाद भी एसएसपी कार्यालय में फाइल अटकी रही। जिसके चलते पिता अपनी बेटी को विदा नहीं कर सका। जिम्मेदारों की लापरवही के चलते बिना बाबुल के बेटी विदा हो गई।

About The Author

निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

Learn More →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अपडेट खबर के लिए इनेबल करें OK No thanks