एटा-ये उम्र तो हर गुनाह से बरी सम्मान की पात्र हो जाती है,पर ये क्या–

एटा। एक 92साल के बुजुर्ग कैदी की तबियत खराब होने पर जिला एटा से अलीगढ़ मेडिकल तक का सफर बीमार तय करते रहे कारण जो भी हो फिलहाल हम उसमे नहीं जाना चाहते कि किस होस्पिटल मे बैड है और किसमे नहीं पोजिटिव है या निगेटिव, हम उन बुजुर्ग को 92साल की सबसे बड़ी बीमारी मानकर चलते है,आज सुबह से हम वायरल न्यूज को देखकर हैरान है कि इतने बुजुर्ग इंसान को जिनपर खुदका भार नहीं उठ सकता उन्हे जंजीरों से जकड़कर बैडपर डाल दिया गया यह मानवता को सर्मसार करने बाला कृत्य है,और भी सर्मनाक तब होजाता है,जब होस्पिटल से लेकर जेल के आलाधिकारियों को यह तक पता नहीं चलता है,कि उसका कैदी एक मरीज किस हालमे रखा गया है, इतनी बड़ी लापरवाही आखिर कैसे हुई और अधिकारी साफ पल्ला झाड़ गये छोटे-छोटे कर्मचारियों के सरपर ठींगरा फोड़कर,अरे इतना जुल्म तो जानवर पर भी लागू नहीं होता है,यह उम्र तो सम्मान के पड़ाव पर आजाती है,जैसी करनी बैसी भरनी तो इंसान खुद भोगता है पर हमने जमीन पर खुदा जरूर देख लिया,पुनः आखिर इतनी बड़ी लापरवाही कैसे होती रही जो जिम्मेदारों को पता तक नहीं चला।