
एटा 9 मई।लॉकडाउन के चलते हुए आज विश्व हिंदू परिषद एटा ने कोविड-19की दूसरी लहर की भंयकर आपदा के कारण यह निर्णय लिया कि इस समारोह को अपने अपने घरो पर ही मनाएं।
विश्व हिन्दू परिषद के विभागाध्यक्ष अरविंद सिंह चौहान ने कहा कि महाराणा प्रताप का जन्म कुंभलगढ़ में हुआ था उनके पिता का नाम उदय सिंह राणा व माता का नाम जयवंता बाई था।
श्री चौहान ने कहाँ कि उनकी राष्ट्रभक्ति,मातृभक्ति,शौर्यबलिदान हम सभी के लिए अनुकरणीय है।उनके पुरूषार्थ से हम सभी भारतीयों को राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा सदैब मिलती रहेगी। सनातनी क्षत्रीय वीर योद्धा अपनी मातृभूमि के लिए सर्वस्व न्योछावर करने वाले घास की रोटी खाकर भी स्वाभिमान को जिंदा रखने वाले अकबर को अपने आगे झुकाने वाले मेवाड़ की माटी के सपूत ,हिन्दू हदय सम्राट वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप को हम लोग कैसे भुला सकते है।महाराणा प्रताप हमारे आदर्श है वह वीर योद्वा थे उनकी वीरता की कहानियां युगों युगों तक सुनाई जायेगी।उन्होंने सनातन धर्म की रक्षा की हमे उनसे हमेशा प्रेरणा लेते रहना चाहिए।महाराणा प्रताप की कहानियों को देश के युवाओं को पढना चाहिए ताकि उनके जैसे वल और साहस का युवा नौजवानों मे ऐहसास रहे।ऐसे वीर योद्वा को हम नमन करते है और हमेशा करते रहेंगे।