
एटा।दवाओं की कमी बैड ना मिलना ऑक्सीजन की मार अस्पतालों में कोरोना मरीजों को भर्ती न किया जाना उचित इलाज की कमी होना यह सारी जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग व सरकार की है और इस दौरान जिन लोगों की आकस्मिक मौत असमय हुई है उसके लिए स्वास्थ्य विभाग प्रदेश सरकार व केंद्र सरकार को जिम्मेदारी लेनी चाहिए और मरने वाले लोगों के परिवारी जनों को जिनकी आयु 60 वर्ष से कम है उन्हें कम से कम ₹1000000 का मुआवजा सरकार दे ताकि उन परिजनों को इस आकस्मिक मुसीबत से कुछ निजात मिल सके इसके साथ ही मैं अपने सभी मिलने वालों अधिवक्ता साथियों रिश्तेदारों दोस्तों अपने शहर के व देश के नागरिकों से अपील करूंगा कि वह घरों में रहें सुरक्षित रहें कोरोना गाइडलाइन का पालन करें जान है तो जहान है हम अपने फालतू के काम बाद में कर लेंगे सिर्फ जरूरी काम से ही सुरक्षा के साथ घर से बाहर निकले अपने मोहल्ले पड़ोस मैं हर जरूरतमंद मजबूर की मदद जरूर करें मोहम्मद इरफान एडवोकेट प्रमुख समाजसेवी एटा