
एटा…..
पूर्व के सभी रिकार्डो को तोड़ कर रचा इतिहास
चुनावो के इतिहास मे एटा के कई चुनाव अपने गर्त मे इतने अनुभवो को समेटा हुआ है कि यहा की जनता से एक किस्सा पूछो तो सौ कहानिया सुनाई दे जायेगी लेकिन….. इस बार के त्रिस्तरीय चुनाव ने पहले चरण के चुनाव मे हुई मतपेटी लूटपाट कांड को दूसरे राउंड के शान्तिपूर्वक मतदान ने आंखे दिखाई है,कुछ छूटपुट घटनाओ को अगर छोड़ दिया जाये तो दुसरे राउंड के चुनाव ने तारीफ़ बटोरने का काम किया है,
जिला कलेक्टर/ जिला निर्वाचन अधिकारी ने दिखाया दम खम
एटा पंचायत चुनाव के पुराने चुनावी अनुभव को याद किया जाये तो यहा कि जनता के जहन मे बहुत बुरा अनुभव रहा है परंतु इस बार जिला निर्वाचन अधिकारी डा0विभा चहल व पुलिस अधीक्षक उदय शंकर सिंह ने अपने नये अनुभव को टीम के साथ साझा करके जिस तरह से जिले पर लगी कालिख को छुडाया है हर तरफ़ तारीफ़ की जा रही है,सुबह से ही पुरे अमली जामा के साथ दोनो आला अधिकारियो ने पुरे जोशखरोश के साथ माफ़ियाओ को यह दिखा दिया कि प्रशासन और सरकार से बडा कोई ताकतवर नही होता है और वही हुआ जैसा जिला निर्वाचन अधिकारी डा.विभा चहल व पुलिस अधीक्षक उदय शंकर सिंह ने चाहा ….
पुरे दिन दोनो आला अधिकारियो ने दूरसंचार का जमकर उपयोग किया….
चाहे जिले का कंट्रोल रुम हो या फ़िर हेल्प लाइन 112,फ़िर क्यू ना आला अधिकारियो के सी0यु0जी0 नम्बर हो…एक-एक फ़ोन call को उठाया गया और पुरे शिद्दत के साथ समाधान किया गया और यही कारण रहा कि पुरानी चुनावी यादो को इतिहास बनाने का कार्य जिला प्रशासन ने कर दिखाया…धन्यवाद!
चुनाव को युद्ध बनाया जिला निर्वाचन अधिकारी डा0 विभा चहल ने…
अगर चुनाव से कुछ दिन पुर्व के घटनाक्रमो को देखे तो जिला निर्वाचन अधिकारी डा0 विभा चहल व पुलिस अधीक्षक उदय शंकर सिंह की लगभग बतौर जिला के प्रमुखो पर पहली पोस्टिन्ग है व ऊपर से सिर पर चुनाव की जिम्मेदारी,जनता ने तो यह सोच ही लिया था कि यह चुनाव तो शायद पिछले चुनावो के खूनखराबे से भी ज्यादा भयावह ना हो जाये परंतु दोनो आला अधिकारियो ने चुनाव से पहले सभी माफ़ियाओ को चेता दिया था कि जिला प्रशासन यहा घण्टा बजाने के लिये नहीं है और हुआ भी वही दोनो आला अधिकारियो ने माफ़ियाओ के दिमाग की वाकई घंटी बजा दी जिससे यह हुआ कि बूथो पर पुरी तरह से लगभग शान्ति बनी रही,प्रशासन ने इस चुनाव को माफ़ियाओ के विरुद्ध एक युद्ध की रणनीति के तहत काम किया है,
आम जनता के जहन मे जिला अधिकारी डा0 विभा चहल का किरदार लेडी सिंघम का बना
जिले की पुलिस ने कर दिखाया….
इस चुनाव से जनता की कही ग़ई बातो पर मोहर लग जाती है कि सरकार ही पुलिस का सही प्रयोग नही करती है वरना मंदिर से जूता भी चोरी नही हो सकता है यह तो चुनाव था दोस्त 2015 नही है …. धन्यवाद एटा पुलिस व सहयोगी,
माहमारी के इस दौर मे आप सभी सरकार व जिला प्रशासन का सहयोग करे एवं अपने आस-पास के लोगो को इस माहमारी के प्रति जागरुक करे…
मास्क का प्रयोग करे…
उचित दूरी बनाये रखे…
अत्यन्त आवश्यक हो तभी घर से बाहर निकले…