कानपुर: पुलिस ने दो मानव तस्करों को किया गिरफ्तार, नौकरी का झांसा देकर खाड़ी देशों में करते थे महिलाओं की सप्लाई

*कानपुर: पुलिस ने दो मानव तस्करों को किया गिरफ्तार, नौकरी का झांसा देकर खाड़ी देशों में करते थे महिलाओं की सप्लाई* Kanpur Human Trafficking Gang: पकड़े गए दोनों तस्कर अब तक दर्जनों महिलाओं को खाड़ी के देशों में भेज चुके हैं. जिसके लिए इन्हें दिल्ली, मुंबई और कर्नाटक के एजेंटों से 30 से 50 हजार रुपए मिलते हैं. कानपुर. कानपुर (Kanpur) में पुलिस (Police) ने दो शातिर मानव तस्करों (Human Traffickers) को गिरफ्तार किया है. पकड़े गए तस्कर खाड़ी देशों में महिलाओं को भेजने का काम करते हैं, जहां उनका मानसिक और शारीरिक शोषण किया जाता है. अच्छी नौकरी का झांसा देकर मानव तस्कर महिलाओं और युवतियों को फंसाते थे. पुलिस के मुताबिक उन्नाव और कानपुर की तकरीबन डेढ़ दर्जन महिलाएं खाड़ी देशों में बंधक है. क्राइम ब्रांच ने मानव तस्कर अतीकुर्रहमान और मुजम्मिल को गिरफ्तार किया है. पकड़े गए दोनों तस्कर अब तक दर्जनों महिलाओं को खाड़ी के देशों में भेज चुके हैं. जिसके लिए इन्हें दिल्ली, मुंबई और कर्नाटक के एजेंटों से 30 से 50 हजार रुपए मिलते हैं. पिछले दिनों कर्नलगंज थाना थाने में एक युवक ने अपनी पत्नी को ओमान से वापस लाने की गुहार लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी. दरअसल इन दोनों मानव तस्करों ने उसकी पत्नी को ओमान में अस्पताल में नौकरी दिलाने का झांसा दे वहां भेज दिया था. जबकि वहां उसे अस्पताल में नौकरी दिलाने के बजाय उसे काफिल नाम के एक शख्स को सौंप दिया गया. जो उससे घरेलू नौकर की तरह काम लेता. ऐसे हुआ खुलासा आरोप है कि वहां उसका मानसिक और शारीरिक शोषण भी किया गया. महिला ने कुछ दिनों बाद किसी तरह दूसरे के मोबाइल से अपने पति से संपर्क किया और पूरी हकीकत बयां की. पीड़िता के पति की शिकायत पर मामला दर्ज करने के बाद कर्नलगंज थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच सक्रिय हो गई. फोन पर पीड़िता से बात करने के बाद पुलिस ने अतीकुर्रहमान और मुजम्मिल को धर दबोचा. दोनों ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि वह काफी समय से ह्यूमेन ट्रैफिकिंग गिरोह से जुड़े हैं. वह ऐसा परिवार चुनते थे जो काफी गरीब हो, जिसके घर में दो वक्त खाने का संकट हो. इन घर की महिलाओं को वह है खाड़ी देशों में अच्छी नौकरी का झांसा देते थे. इतना ही नहीं महिलाओं और युवतियों का पासपोर्ट और वीजा का खर्चा भी कंपनी द्वारा दिया जाता था. गैंग से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश डीसीपी क्राइम सलमान ताज पाटिल का कहना है कि उन्होंने विदेश मंत्रालय भारत सरकार और ओमान में भारतीय राजदूत से संपर्क किया है. उनके साथ पीड़िता को रिलीज कराने का प्रयास किया जा रहा है. पुलिस ने इन दोनों एजेंटों द्वारा भेजी गई अन्य महिलाओं और युवतियों के परिजनों से बात की. इसके अलावा वह महिलाएं जो खाड़ी के देशों से वापस आ चुकी हैं उनसे भी बात की. डीसीपी का कहना है कि इनमें से कई महिलाओं ने भी यही बताया कि वहां पर उनका मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न किया था. उन्होंने कहा यह ह्यूमन ट्रैफिकिंग का बहुत ही गंभीर मामला है. इससे जुड़े अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया जाएगा. डीसीपी ने कहा कि ओमान में केवल भारत की ही नहीं अफ्रीका, श्रीलंका और नेपाल की भी महिलाएं फंसी है.

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

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