एटा के इंस्पेक्टर और हेड मोहर्रिर का मेरठ कोर्ट में सरेंडर, जेल भेजे

एटा के इंस्पेक्टर और हेड मोहर्रिर का मेरठ कोर्ट में सरेंडर, जेल भेजे
एटा – जिले में मालखाने की 1400 पेटी शराब बेचने और होटल कर्मियों को फर्जी लूट में गिरफ्तार करने में फंसे इंस्पेक्टर इंद्रेश सिंह व हेड मोहर्रिर संतोष ने शुक्रवार को मेरठ की एंटी करप्शन कोर्ट में सरेंडर कर दिया। कोर्ट ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। मंगलवार को जमानत को लेकर सुनवाई होगी।

एंटी करप्शन कोर्ट-प्रथम की विशेष लोक अभियोजक शुचि शर्मा ने बताया, 11 मार्च को एटा डीएम ने कोतवाली देहात का निरीक्षण किया। जांच में उन्हें मालखाने से 1459 पेटी शराब कम मिली। इस मामले में इंस्पेक्टर इंद्रेशपाल सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम का मुकदमा दर्ज हुआ था। दूसरा मुकदमा 23 मार्च को दर्ज हुआ, जिसमें खाने के पैसों के विवाद में होटलकर्मियों को फर्जी एनकाउंटर में गिरफ्तार करने का आरोप था। इसमें इंस्पेक्टर इंद्रेशपाल सिंह और हेड मोहर्रिर संतोष नामजद थे। इन मामलों में दोनों अभियुक्त फरार चल रहे थे। इंस्पेक्टर इंद्रेशपाल सिंह और हेड मोहर्रिर संतोष ने शुक्रवार को मेरठ की एंटी करप्शन-प्रथम में न्यायाधीश नरेंद्रपाल सिंह तोमर के समक्ष सरेंडर कर दिया। कोर्ट ने दोनों को जेल भेज दिया है। इंस्पेक्टर इंद्रेशपाल सिंह मूल रूप से संभल जिले में चंदौसी के वीर सावरकर नगर का रहने वाला है। एडीजीसी शुचि शर्मा ने बताया कि दोनों अभियुक्तों ने जमानत अर्जी लगाई है, इस पर 13 अप्रैल को सुनवाई होगी। मालूम हो कि थाना पिलुआ के गांव सोंगरा हाल पता श्यामबिहार कालोनी निवासी प्रवीन कुमार ने डीएम से शिकायत की थी। शिकायत में बताया कि वह आगरा रोड स्थित नगला जसराम के पास ढाबा चलाता है। पीड़ित दिव्यांग होने के कारण उसके भाई, चचेरे भाई संचालन में सहयोग करते हैं। आरोप था कि चार फरवरी को कोतवाली देहात पुलिस ने फर्जी मुठभेड़, नशीला पाउडर लगाकर भाइयों सहित अन्य को जेल भेजा था। मामले की जांच एएसपी क्राइम को सौंपी गई। जांच में मामला सही पाए जाने के बाद रिपोर्ट दर्ज हुई। मामले की रिपोर्ट पीड़ित ने शैलेन्द्र सहित अन्य पुलिसकर्मियों पर दर्ज कराई। विवेचना सीओ अतरौली को सौंपी गई। विवेचना के दौरान इंस्पेक्टर इन्द्रेशपाल सिंह, सिपाही संतोष, शैलेन्द्र, बंटू का नाम सामने आया। बंटू, शैलेन्द्र को पुलिस ने पकड़ा था। जिसमें बंटू को जेल दिया था शैलेन्द्र को जमानत मिल गई थी। विवेचना के दौरान भ्रष्ट्राचार की धारा बढ़ाई गई। जांच अधिकारी के अनुसार शुक्रवार को इंस्पेक्टर इन्द्रेशपाल, संतोष यादव ने मेरठ कोर्ट में सरेंडर किया। जिसके बाद कोर्ट ने दोनों को जेल भेजा है।

  • वर्जनफर्जी मुठभेड़ के मामले में इंस्पेक्टर इन्द्रेशपाल सिंह, सिपाही संतोष यादव जेल भेज दिए गए हैं। इन्होंने मेरठ स्थित कोर्ट में सरेंडर किया था। न्यायालय ने दोनों को जेल भेजा है। मामले में जमानत को लेकर अगली सुनवाई मंगलवार को होनी है। सिपाही शीलेन्द्र को लेकर वारंट जारी कराया जाएगा।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

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