आम आदमी को मिले अधिकारों का हनन करने में लगे हैं कुछ अधिकारी

ग्राम विकास अधिकारी की हिटलरशाही!

  • आम आदमी को मिले अधिकारों का हनन करने में लगे हैं कुछ अधिकारी
  • 7682 रूपये जमा कराने के बाद भी ग्राम विकास अधिकारी ग्राम पंचायत पवांस ने नहीं दी सूचना!
  • आवेदक ने की है अब प्रथम अपील! क्या इसी तरह चलेगी ग्राम विकास अधिकारी की हिटलरशाही?
    एटा। केन्द्र सरकार की ओर से मिले आम आदमी के अधिकारों का हनन करने में एक नहीं बल्कि अनेकों अधिकारी अहम भूमिका निभा रहे हैं। ऐसा लगता है कि उन्होंने जन सूचना अधिकार अधिनियम 2005 को निष्प्रभावी बनाने का वीणा ही उठा रखा हो। ऐसे ही अनुशासन हीन और आम आदमी के अधिकारों का हनन करने में माहिर हैं जनपद एटा विकास खण्ड शीतलपुर की ग्राम पंचायत पवांस पर तैनात ग्राम विकास अधिकारी विश्वजीत यादव। उन्होंने तो इस अधिनियम की पूरी तरह से धज्जियां ही उड़ा डालीं।
    उन्होंने आवेदक से यह कहकर 7682 रूपये का ड्राफ्ट ग्राम निधि के नाम से लेे लिया कि आवेदक द्वारा चाही गई सूचनायें तैयार कर ली गई हैं। परन्तु फिर भी ग्राम विकास अधिकारी/ जन सूचना अधिकारी विश्वजीत यादव द्वारा आवेदक को सूचना नहीं दी गई। क्या यह आवेदक को वेवजह परेशान करने वाली बात नहीं है। थक हार कर आवेदक ने सहायक विकास अधिकारी विकास खण्ड शीतलपुर को प्रथम अपील भेजी है जिसमें उपरोक्त ग्राम विकास अधिकारी विश्वजीत यादव पर कठोर कानूनी कार्यवाही करने की बात भी लिखी गई है।
    बताते चलें कि आवेदक ने ग्राम पंचायत पवांस विकास खण्ड शीतलुपर से जुड़ी कुल 11 बिन्दुओं पर बिन्दुवार सूचनायें प्राप्त करने के लिए एक आवेदन पांच जनवरी 2021 को किया था। जिस पर ग्राम विकास अधिकारी/ जन सूचना अधिकारी ग्राम पंचायत पवांस विश्वजीत यादव द्वारा 7682 रूपये का ड्राफ्ट आवेदक से चाहा गया। इस पर आवेदक ने सेन्ट्रल बैंक ऑफ इण्डिया का 7682 रूपये (सात हजार छह सौ बियासी रूपये मात्र) का ड्राफ्ट संख्या 075680 दिनांक 15/02/2021 ग्राम निधि प्रथम ग्राम पंचायत पवांस के नाम से बनवाकर ग्राम पंचायत पवांस कार्यालय को भेज दिया। परन्तु फिर भी आवेदक को सूचनायें प्रदान नहीं की गई। अब आवेदक ने सहायक विकास अधिकारी विकास खण्ड शीतलपुर जनपद एटा के कार्यालय में 10 मार्च 2021 को अपील दायर की है। अब देखना है कि अपीलीय अधिकारी/ सहायक विकास अधिकारी आवेदक को वांछित सूचनायें दिलवाने में सफल होते हैं या फिर ग्राम विकास अधिकारी विश्वजीत यादव की हिटलरशाही यूं ही चलती रहेगी ? बताते चलें कि आरटीआई एक्ट के अनुसार दो रूपया प्रति फोटो कॉपी लेने का प्रावधान है। इसलिए ग्राम विकास अधिकारी को ये सूचना करीब 3841 पेज में देनी होगी।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

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