
वाहनों की कमी, कैसे होगी कार्मिकों की सुरक्षा
~त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में मतदान के लिए वाहनों का टोटा पड़ गया है।~
एटा: त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में मतदान के लिए वाहनों का टोटा पड़ गया है। ऐसे में कार्मिकों को कोविड गाइडलाइन का पालन करते हुए मतदान केंद्रों तक पहुंचाना आसान नहीं होगा।
कोरोना संक्रमण काल में हो रहे पंचायत चुनाव की विभिन्न प्रक्रियाओं में कोविड प्रोटोकाल का पालन कराने के निर्देश हैं। मतदान पार्टियों की रवानगी को लेकर भी दिशा-निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत उन्हें मास्क का प्रयोग और एक-दूसरे से उचित दूरी बनाकर रखनी होगी। कार्मिकों को मतदान केंद्रों तक ले जाने के लिए वाहनों की काफी कमी है। मतदान कराने के लिए आठ हजार से अधिक कार्मिकों को मतदेयस्थलों तक पहुंचाना है। जोनल, सेक्टर मजिस्ट्रेट आदि के लिए भी वाहन चाहिए।
कुल मिलाकर करीब 500 वाहनों की जरूरत होगी, लेकिन जिले में उपलब्धता कुल 250 वाहनों की हो रही है। ऐसे में कार्मिकों को वाहनों में दूरी के साथ बैठाने की संभावना भी कम है। यूं तो अन्य जिलों से वाहन मिलने की बात कही जा रही है। यदि किसी तरह वाहन उपलब्ध नहीं हो पाते हैं तो कार्मिकों को बसों आदि में सीटों की पूरी क्षमता के अनुसार ले जाना होगा। पिछले चुनावों में तो लोडिग वाहनों तक में कार्मिक भेजे जाते रहे हैं। एआरटीओ हेमचंद गौतम ने बताया कि आवश्यकता के अनुसार वाहनों की पूरी उपलब्धता नहीं है। अन्य जिलों से वाहन मिलने की उम्मीद है। यह हैं रवानगी संबंधी निर्देश:
- रवानगी स्थल की क्षमता के अनुसार पोलिग पार्टियों को अलग-अलग सत्रों में बुलाकर रवाना किया जाए।
- रवानगी से पहले हर कार्मिक और वाहन चालक की थर्मल स्क्रीनिग कराई जाए।
- रवानगी वाले वाहन को पूरी तरह सैनिटाइज कराया जाए।
- कार्मिकों के ठहरने के स्थान पर पर्याप्त शारीरिक दूरी और साफ-सफाई होनी चाहिए।