बोर्ड परीक्षा की तरह ही होगी गेहूं खरीद की निगरानी
~गेहूं खरीद 2021 प्रत्येक क्रय केंद्र पर नोडल अधिकारी होंगे लेखपाल अधिकारियों को भी सेक्टर मजिस्ट्रेट बनाकर सौंपा जिम्मा~

बोर्ड परीक्षा की तरह ही होगी गेहूं खरीद की निगरानी
~गेहूं खरीद 2021 प्रत्येक क्रय केंद्र पर नोडल अधिकारी होंगे लेखपाल अधिकारियों को भी सेक्टर मजिस्ट्रेट बनाकर सौंपा जिम्मा~
एटा: गेहूं खरीद 2021 में पारदर्शिता तथा किसानों को समर्थन मूल्य का पूरा लाभ दिलाने को प्रशासन सक्रिय है। इस बार बोर्ड परीक्षाओं की तरह गेहूं खरीद केंद्रों की भी निगरानी होगी। दोहरे स्तर पर प्रशासनिक तंत्र सतर्क रहेगा। प्रत्येक केंद्र पर एक-एक लेखपाल नोडल अधिकारी तथा कुछ केंद्रों को मिलाकर सेक्टर बनाते हुए राजपत्रित अधिकारियों को भी निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है।

हाल ही में कुछ जिलों में धान खरीद की अनियमितताएं सामने आने के बाद प्रशासन गेहूं खरीद के लिए अभी से सख्त बना हुआ है। एक अप्रैल को जिले में गेहूं खरीद का औपचारिक शुभारंभ हो गया। जिले की तीन तहसीलों में बनाए गए 89 क्रय केंद्रों की निगरानी के लिए प्रशासन द्वारा तैयारी कर ली है। क्रय केंद्रों पर नोडल अधिकारी के रूप में एक लेखपाल नियुक्त किया गया है। केंद्र पर आवश्यक व्यवस्थाओं की पड़ताल के साथ ही किसानों के अनाज की सही तुलाई तथा किसी भी तरह की शिकायत को लेकर नोडल अधिकारी अपनी रिपोर्ट प्रतिदिन सौंपेंगे। केंद्र पर अनियमितताएं पाने की स्थिति में नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी तय की गई है। जिस तरह बोर्ड परीक्षा में स्टैटिक मजिस्ट्रेट की जवाबदेही रहती है नोडल अधिकारी भी उतने ही जवाबदेय होंगे।

दूसरी ओर 89 गेहूं क्रय केंद्रों को 25 सेक्टरों में भी विभाजित किया गया है। तीन से लेकर पांच क्रय केंद्रों के एक सेक्टर पर जिलास्तरीय, तहसील व ब्लाक के प्रशासनिक अधिकारियों को निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है। नोडल अधिकारी की रिपोर्ट को सेक्टर मजिस्ट्रेट मुख्यालय को देंगे।

इस तरह गेहूं क्रय केंद्रों के लिए दोहरी निगरानी नीति से बिचौलियों तथा क्रय केंद्र प्रभारियों की साठगांठ हो पाना मुश्किल होगी। खास बात यह है कि किसानों को गेहूं बिकवाली से संबंधित समस्याओं के निराकरण के लिए मुख्यालय तक दौड़ लगाने के बजाय नोडल अधिकारी तथा सेक्टर मजिस्ट्रेट स्तर से ही समस्याओं का निस्तारण हो सकेगा।

पहली बार गेहूं क्रय केंद्रों पर पारदर्शिता के लिए दोहरा निगरानी तंत्र सक्रिय रहेगा। किसानों को किसी भी तरह की समस्या नहीं होने दी जाएगी तथा शिकायतों का तत्परता से निस्तारण हो सकेगा। अनियमितता की रिपोर्ट मिलने पर केंद्र प्रभारियों के विरुद्ध कार्रवाई होगी।

  • नंदकिशोर, डिप्टी आरएमओ, एटा गेहूं खरीद पर एक नजर

89-इस बार जिले में स्थापित क्रय केंद्र

6-गेहूं खरीद में लगाई गई क्रय एजेंसी

89-निगरानी को नियुक्त नोडल अधिकारी

25-निगरानी को नियुक्त किए गए सेक्टर मजिस्ट्रेट

About The Author

निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

Learn More →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अपडेट खबर के लिए इनेबल करें OK No thanks