फर्जी मुठभेड़ में पुलिस के हत्थे चढ़े शराब माफिया बंटू और सिपाही शैलेंद्र

फर्जी मुठभेड़ में पुलिस के हत्थे चढ़े शराब माफिया बंटू और सिपाही शैलेंद्र
~चंदौसी में इंस्पेक्टर और इटावा में दूसरे सिपाही के यहां भी दबिश पकड़े गए आरोपितों से घंटों पूछताछ अधिकारी नहीं कर रहे पुष्टि~
एटा: कोतवाली देहात के फर्जी मुठभेड़ मामले में शराब माफिया बंटू यादव और आरोपित सिपाही शैलेंद्र पुलिस के हत्थे चढ़ गए हैं। अधिकारी इसकी पुष्टि भले ही नहीं कर रहे हैं, मगर पुलिस सूत्र इनसे पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिलने का दावा कर रहे हैं। मामले में अन्य आरोपित इंस्पेक्टर इंद्रेश पाल सिंह और सिपाही संतोष अभी फरार हैं।

फर्जी मुठभेड़ मामले के आरोपितों की गिरफ्तारी को पुलिस की कई टीमें दिल्ली सहित दूसरे शहरों में दबिश दे रही हैं। पुलिस सूत्रों ने बताया कि शराब माफिया बंटू यादव और सिपाही शैलेंद्र हत्थे चढ़ गए हैं। दोनों को अलग-अलग ठिकानों से पकड़ा गया है। जानकारी है कि इन दोनों से कोतवाली देहात में पुलिस अधिकारियों ने कई घंटे पूछताछ की। इस दौरान आरोपितों ने कई अहम जानकारियां दीं। हालांकि, अधिकारी इन आरोपितों की हिरासत की पुष्टि नहीं कर रहे हैं।

उधर, बुधवार देर रात इंस्पेक्टर इंद्रेश पाल सिंह के चंदौसी स्थित मकान और आरोपित दूसरे सिपाही संतोष के इटावा जनपद स्थित ठिकानों पर दबिश दी गई। दोनों आरोपित नहीं मिले। बताया जा रहा है कि इनके स्वजन को पुलिस पूछताछ के लिए ले आई है। दबिश का वीडियो वायरल

इंस्पेक्टर के चंदौसी स्थित मकान में दी गई दबिश का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में एक महिला अपने परिवार के सदस्यों को पुलिस से छोड़ने की गुहार लगा रही है। यह महिला इंस्पेक्टर इंद्रेश पाल सिंह की भाभी बताई गई है। वीडियो में कई पुलिसकर्मी भी नजर आ रहे हैं जो एटा के बताए गए हैं। मानवाधिकार आयोग ने लिया स्वत: संज्ञान

मानवाधिकार आयोग ने मीडिया रिपोर्टों के आधार पर स्वत: संज्ञान लेते हुए प्रदेश के डीजीपी को नोटिस भेजा है। इसमें फर्जी मुठभेड़ की जांच कराकर छह सप्ताह में रिपोर्ट तलब की है। नोटिस में डीजीपी के लिए लिखा गया है कि वे एटा पुलिस से पूरे मामले की रिपोर्ट तलब करें। इस संबंध में मानवाधिकार आयोग ने ट्वीट भी किया है। फर्जी मुठभेड़ कांड को लेकर आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें दबिश दे रहीं हैं। पुलिस शीघ्र आरोपितों की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है। कार्रवाई जारी है।

  • पीयूष मोर्डिया, आइजी अलीगढ़

ये है मामला

चार फरवरी 2021 को आगरा रोड स्थित यदुवंशी ढाबा पर बिल भुगतान को लेकर संचालक प्रवीन के भाई पुष्पेंद्र का पुलिस कर्मियों से विवाद हुआ। इसके बाद देहात कोतवाली पुलिस ने फर्जी मुठभेड़ दिखाकर दस लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पीड़ित ने डीएम से शिकायत की। जिस पर एएसपी क्राइम राहुल कुमार द्वारा की गई जांच रिपोर्ट के आधार पर आरोपित पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराई गई थी।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

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