
यूपी-फतेहपुर में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह में बडा़ फर्जीवाड़ा,13 जोड़ों में आठ फर्जी, एडीओ को हटाया गया-
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में शासन से मिले लक्ष्यों को पूरा करने के लिए अधिकारियों की मिलीभगत से बड़े पैमाने पर मनमानी की गई। तेलियानी ब्लाक में नौ दिसंबर 2020 को हुए 13 जोड़ों के सामूहिक विवाह में आठ जोड़े फर्जी मिले हैं।
इनमें छह की शादी पहले हो चुकी है और दो अन्य के पते गलत मिले हैं। दर्ज पते पर यह जोड़े नहीं मिले। बीडीओ ने धनराशि हस्तांतरण पर रोक लगा दी है और एडीओ समाज कल्याण ज्ञानेंद्र सिंह पर कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है। धूमधाम से शादी कर चुके जोड़े भी अधिकारियों की मिलीभगत से मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का लाभ ले रहे हैं।
तेलियानी ब्लाक में बीडीओ को शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू की गई। इसमें 13 जोड़ों में आठ फर्जी पाए गए। जांच में फर्जी पाए गए रामपुर पचभिटा की मनीषा की शादी पहले हो चुकी थी। इनका दोबारा पंजीकरण कराया गया और मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह में शादी कराई गई।
कसेरुआ की किरन की 30 नवंबर को शादी हो चुकी थी। भग्गा का पुरवा निवासी हेमपुष्पा का जो पता दर्ज किया गया है, उस पते पर वह नहीं मिली। नेहा व रेशमा जो अस्ता कबीरपुर की रहने वाली हैं, इनकी शादी जून में हो गई थी। बिलंदपुर की कोमल और भदबा की जयललिता की शादी पहले धूमधाम से हो चुकी थी।
दोबारा मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में पंजीकरण करा करके शादी की। सुशीला देवी का पता कासिमपुर लिखा है, यहां पर वह नहीं मिली। खंड विकास अधिकारी प्रतिमा वर्मा ने बताया कि एडीओ समाज कल्याण ज्ञान सिंह पर कार्रवाई के लिए लिखा गया है।
वहीं समाज कल्याण अधिकारी केएस मिश्रा ने बताया कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में फर्जीवाड़ा करने की जांच रिपोर्ट मिलते ही सहायक विकास अधिकारी को ब्लाक से हटा दिया गया है। डीएम को सूचना देकर कार्रवाई के लिए लिखा गया है।