
महाकाल मंदिर में महाशिवरात्रि:आज रात 10.30 बजे से जलाभिषेक बंद, महाभिषेक के बाद रात भर चलेगी महापूजा, अलसुबह चार बजे से सेहरा चढ़ना शुरू होगा
महाकाल मंदिर में महाशिवरात्रि उत्सव का सुबह से ही धूमधाम से मनाया जा रहा है। दिनभर के जलाभिषेक के बाद रात 8 बजे से कोटेश्वर भगवान का पूजन शुरू हुआ। यह पूजन रात 10 बजे तक चलेगी। रात 10.30 बजे से बाबा महाकाल को जल चढ़ना बंद हो जाएगा।
इसके बाद रात 11 बजे से महापूजा की तैयारी शुरू हो जाएगी, जिसमें पंचामृत (दूध, दही, शकर शहद, घी), पांच प्रकार के फलों के रस, गंगाजल, गुलाब जल, भांग आदि के साथ केशर मिश्रित दूध से अभिषेक किया जाएगा। इसके बाद बाबा को गर्म जल से स्नान कराया जाएगा। अभिषेक के बाद नए वस्त्र धारण कराकर सप्तधान्य मुखरविंद धारण कराया जाएगा। सप्तधान्य (चावल, मूंग खड़ा, तिल, मसूर खड़ा, गेहूं, जौ, उड़द खड़ा) महाकालेश्वर भगवान को अर्पण किया जाएगा। इसके बाद 12 मार्च को तड़के 4 बजे से सेहरा चढ़ना और सुबह 6 बजे सेहरा आरती होगी। सुबह 11 बजे से सेहरा उतरना प्रारंभ होगा। दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक भगवान महाकाल की भस्मारती होगी। दोपहर 2.30 बजे से 3 बजे तक तक भोग आरती होगी। संध्या पूजन शाम 5 बजे से 5.45 बजे भगवान को जल चढ़ना बंद होगा। शाम 6.30 बजे से 7.15 बजे तक संध्या आरती और रात्रि 10.30 बजे शयन आरती के बाद 11 बजे पट बंद होंगे।
12 मार्च की सुबह नौ बजे से दाेपहर तीन बजे तक नहीं हाेंगे दर्शन
महाकाल मंदिर में 12 मार्च की सुबह नौ बजे तक ही प्री-बुकिंग वाले श्रद्धालुओं को दर्शन कराया जाएगा। उसके बाद दोपहर तीन बजे तक दर्शन बंद हो जाएंगे। तीन बजे के बाद फिर से बाबा महाकाल के दर्शन शुरू होंगे।