
खरी – अखरी
आखिरकार पुलिस ने बड़ी मशक्कत के बाद फ़रार आरोपी को पकड़ ही लिया
धारा 363, 366, 376 ता.हि. के साथ ही पाक्सो एक्ट के तहत आरोपी बनाये गए जिला पन्ना के अमानगंज थाना क्षेत्र में आने वाले टाई निवासी सुख साहब सिंह राजपूत पिता चंदन सिंह राजपूत को नाबालिग का अपहरण कर बलात्कार किये जाने के आरोप में कटनी ज़िले के उमरियापान थाने में दर्ज़ अपराध संख्या 29/2021 पर 20 फ़रवरी 2021 की दरम्यानी रात को हिरासत में लेकर उमरियापान थाने में लाया गया था जहां से आरोपी पुलसिया सुरक्षा व्यवस्था को धत्ता बताते हुए नौ दो ग्यारह हो गया था । पुलिस कहानी के मुताबिक आरोपी हथकड़ी निपचा कर छत से कूदकर भाग गया था ।
पन्ना ज़िले से ट्रांसफर कर कटनी जिले का कप्तान बनाये जाने के चंद दिनों के भीतर ही पन्ना ज़िले के युवक द्वारा थाने से फ़रार होकर पुलिस को दी गई चुनौती को मयंक अवस्थी ने गंभीरता से लेते हुए ख़ाकी पर लग चुके दाग धब्बे को साफ़ करने के लिए पुलिस रेग्युलेशन के पैरा 80 (बी) (1) में निहित प्रावधानों का सहारा लेकर फ़रार आरोपी की सूचना देने वाले को पांच हजार रुपये नगद ईनाम दिया जाना घोषित कर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप मिश्रा की सरपरस्ती में टीम गठित की गई थी ।
आख़िरकार 15 दिनों की व्यस्ततम भागदौड़ रंग लाई और मुखबिरों की सूचना पर फ़रार आरोपी सुख साहिब सिंह राजपूत को स्लीमनाबाद रोड़ पर भनपुरा के जंगल में पकड़ लिया गया । फ़रारी को पकड़ने में थाना प्रभारी गणेश विश्वकर्मा , एएसआई मानसिंह मार्को, आरक्षक विकास गर्ग, आरक्षक सत्यदेव सिंह, आरक्षक रत्नेश दुबे, आरक्षक जगन्नाथ सिंह ने अहम भूमिका निभाई है ।*ईश्क ने ग़ालिब निकम्मा कर दिया* *वरना हम भी आदमी थे काम के*
जिला पन्ना के अमानगंज थाना क्षेत्र में आने वाले टाई निवासी सुख साहब सिंह राजपूत पिता चंदन सिंह राजपूत को भी प्रेम का लाईलाज रोग हो गया । प्रेमिका को पाने की ख़ातिर सुख साहिब का सुख चैन छिन सा गया और उसके क़दम अपराध की दुनिया की ओर चल पड़े । सूत्र भले ही सुख साहिब पर अमानगंज थाना में लूटपाट, मारपीट, चोरी सहित अपराध के कई मामले दर्ज होने की चुगली करते हों मग़र इन अपराधों की जड़ में प्रेमी की दीवानगी का खाद पानी ही पड़ा हुआ है ।