
पंचायत चुनाव में जो आरक्षण की सूची जारी की गई है संभवत वही बरकरार रहेगी
जो लोग आपत्तियां दर्ज करा रहे हैं
आपत्ति दर्ज कराने का सबका अधिकार है शासन चाहता है किसी प्रकार से आरक्षण सूची की पारदर्शिता पर आरोप ना लग सके
पत्रकार वार्ता में जिला पंचायत राज अधिकारी मनोज कुमार ने स्थिति साफ करते हुए बताया है कि जो भी आपत्तियां आ रही हैं उनका निस्तारण किया जाएगा
लेकिन प्रकाशित आरक्षण सूची में कोई बदलाव संभव नहीं है
शासना आदेश के अनुसार आरक्षण सूची का पारदर्शिता के साथ प्रकाशन किया गया है जिसमें किसी प्रकार से कोई गुंजाइश नहीं है
नियमानुसार आपत्ति ली जा रही है चाहे कोई विकासखंड मुख्यालय पर दें अथवा जिला मुख्यालय पर भी दे सकता है
लेकिन आरक्षण सूची शासनादेश अथवा पारदर्शिता तरीके से प्रकाशित की गई है
भरम की कोई गुंजाइश नहीं है इस कारण पंचायत आरक्षण सूची प्रकाशित की गई है यथासंभव बरकरार रहेगी