सऊदी के एक फैसले ने बढ़ाई टेंशन, अब तेल सस्ता होने की संभावना और कम

सऊदी के एक फैसले ने बढ़ाई टेंशन, अब तेल सस्ता होने की संभावना और कम

खनिज तेल का उत्पादन एवं निर्यात करने वाले देशों के गुट ओपेक और उसके सहयोगी देशों ने तेल उत्पादन में कटौतियों के अपने-अपने वर्तमान स्तर को करीब करीब बनाए रखने का फैसला किया. इस फैसले से वायदा बाजार में कच्चे तेल में उछाल दिखा.

उनका यह निर्णय ऐसे समय आया है जबकि कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन के संक्रमण के चलते आर्थिक गतिविधियां कमजोर बने रहने की चिंता बरकार है. सऊदी अरब की अगुवाई में ओपेक देशों और रुस के नेतृत्व में ओपेक के सहयोगी तेल उत्पादक देशों की आन लाइन बैठक में तेल उत्पादन में कटौती की वर्तमान सहमति को बनाए रखा गया. इसमें महत्वपूर्ण बात यह है कि दुनिया का सबसे बड़ा तेल उत्पादक सऊदी अरब रोजाना 10 लाख बैरल की कटौती कम से कम अप्रैल तक जारी रखेगा.

ताजा करार के तहत रुस और कजाकिस्तान तेल का उत्पादन थोड़ा बढ़ा सकते हैं. बहुत से विश्लेषकों का मानना था कि ओपक और उसके सहयोगियों द्वारा उत्पादन में थोड़ा बहुत बढ़ोतरी का फैसला किया जा सकता है. उनका मानना था कि शीघ्रता से उत्पादन नहीं बढाया गया तो तेल के दाम बढ़ सकते हैं. अमेरिकी बाजार में कच्चे तेल का वायदा भाव कल 5.6 फीसदी उछल कर 64.70 डालर प्रति बैरल पर चला गया था.

सऊदी अरब के तेल मंत्री अब्दुल अजीज बिन सलमान ने कहा कि मुझे उन लोगों को निराश करने से नफरत हो रही है जो यह भविष्यवाणी कर रहे थे कि हम (उत्पादन बढ़ाने का निर्णय) करेंगे. रूस के उपप्रधानमंत्री एलेक्जंडर नोवाक ने उम्मीद जताई कि कच्चे तेल के बाजार में स्थिरता आ रही है.

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

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