
पीएनसी के हथियारबंद कर्मचारियों का पत्रकार पर जानलेवा हमला
कबरेज कर रहे पत्रकार के साथ एस डी एम के सामने हुई मारपीट
बमीठा थाने मे पत्रकार देवेन्द्र चतुर्वेदी ने दिया लिखित आवेदन
छतरपुर। बमीठा थाना के अंतर्गत चल रहे फोरलेन से संबंधित अतिक्रमण की कार्यवाही को कवरेज करने गए पत्रकार देवेन्द्र चतुर्वेदी पर पीएनसी के कुछ कर्मचारियों ने जानलेवा हमला कर दिया। मिली जानकारी के अनुसार छतरपुर से बमीठा फोरलेन का काम बहुत तेज गति से चल रहा है। पीएनसी के कर्मचारी मनमाने तरीके से अतिक्रमण हटाने का काम कर रहे हैं। लोगों को मुआवजा की राशि मिली नहीं है और उनके अतिक्रमण के नाम पर लगातार लोगों को बेघर किया जा रहा है । जिसका विरोध लोगों के द्वारा लगातार किया जा रहा है परंतु जिलाप्रशासन की तानाशाही कार्यवाही के चलते प्रशासन की देखरेख में अतिक्रमण हटाया जा रहा है। अतिक्रमण हटाए जाने का कवरेज करने गए देवेन्द्र चतुर्वेदी को पीएनसी के हथियारबंद कर्मचारियों ने मारपीट की और उन्हें मौके से हटा दिया। जिसकी रिपोर्ट पत्रकार देवेन्द्र चतुर्वेदी ने बमीठा थाने में कर दी है। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर मामले को विवेचना में लिया है। मजेदार बात ये है कि राजनगर एसडीएम की मौजूदगी में पीएनसी के कर्मचारियों ने पत्रकार पर जानलेवा हमला कर दिया । देवेन्द्र चतुर्वेदी ने आरोप लगाया है कि मीडियाकर्मियों के साथ यह पहली घटना घटित नहीं की गई है। जबकि प्रशासन मौके पर मोजूद था फिर भी मौन रहा । पीएनसी के कुछ अधिकारी अब इस मामले को दबाने में लगे हुए हैं। वहीं दूसरी ओर जिन लोगों को मुआवजा राशि अभी तक नहीं मिली है और उनके मकान तोड़े जा रहे हैं वह जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगा रहा है और इसकी शिकायत मुख्यमंत्री और प्रदेश के राज्यपाल से कहने की बात कर रहे हैं। जिले में फोरलेन का काम अंतिम चरण पर चल रहा है और बमीठा में कुछ लोगों का लगातार अतिक्रमण हटाने को लेकर विरोध चल रहा था। लेकिन प्रशासन अब इनका विरोध नहीं सुन रहा है और बिना सुने अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही जारी है।
वहीं जिला मुख्यालय पर अतिक्रमण कर बनाये गए व्यावसायिक भवनों की लगातार शिकायतें होने के बाद भी प्रशासन उन अतिक्रमण कारियों पर कार्यवाही करने से परहेज कर रहा है जबकि जिला मुख्यालय के इन अतिक्रमणों का मुद्दा हाल ही में विधानसभा में भी गूंजा था ।