डग्गामार वाहनों पर नहीं कसी जा रही है नकेल

एटा शहर में डग्गेमार वाहनों की धूम।

यातायात व्यवस्था ने दम तोड़ा।

डग्गामार वाहनों पर नहीं कसी जा रही है नकेल।

उत्तर प्रदेश परिवहन निगम को हो रहा है लाखों का नुकसान।

एटा शहर में डग्गे मार वाहनों की धूम मची हुई है शहर में जहां देखो वहां डग्गामार वाहनों का जमवाड़ा लगा रहता है। रोडवेज रंग में रंगी बिना परमिट की बसें एटा प्रशासन को ठेंगा दिखा रहीं हैं।
एटा शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है और एटा शहर जाम के झाम से जूझ रहा है । इस खराब व्यवस्था में सबसे ज्यादा श्रेय डग्गेमार बहनों को जाता है डग्गेमार वाहनों के कारण शहर के तिराहों व चौराहों की व्यवस्था पूरी तरह फेल होती जा रही है क्योंकि हर तिराए चौराहे पर चाहे अलीगंज तिराहे, ठंडी सड़क तिराहे, निधौली रोड तिराहे या आगरा रोड तिराहे पर डग्गामार वाहनों और ऑटो का जमवाड़ा लगा रहता है जिस कारण यातायात व्यवस्था खराब हो रही है और जाम लगने के आसार बने रहते हैं। एटा में बिना परमिट की बसें सरपट दौड़ रही हैं यह बसें रोडवेज के रंग में रंगी हुई हैं सवारीं रोडवेज बस के धोखे में इन बसों में बैठ जाती हैं जिससे उत्तर प्रदेश परिवहन निगम को रोज लाखों रुपए की चपत लग रही है और सबसे अहम बात यह है यह बसें रोडवेज बस स्टैंड के आसपास से भरी जाती हैं और जिम्मेदार गांधी के तीन बंदरों की तरह अंधे बहरे और गूंगे हो गए हैं । एटा शहर की मुख्य सड़कों पर पैदल चलने वाले भी अपनी जान को हथेली पर लेकर पैदल रहे हैं। क्योंकि फुटपाथों पर पूरी तरह अतिक्रमण है।
मेन सड़कों की दुकानों का तो यह हाल है दुकान के अंदर कम सामान मिलेगा और फुटपाथ पर दुकान का पूरा सामान रख दिया जाता है ढकेल वाले हो या जमीन पर दुकान लगाने वाले हो या होल्डिंग हो ये सभी फुटपाथों पर ही अपना कब्जा किए हुए हैं इस कारण पैदल चलने वालों को मजबूरन रोड पर चलना पड़ता है जिससे आये दिनों दुर्घटनाएं हो रही हैं जिसमें लोगों को अपनी जान तक गंवानी पड़ती है।
विडंबना की बात तो यह है शहर की इतनी खराब यातायात व्यवस्था जिला प्रशासन को दिखाई नहीं दे रही है कुछ समय पहले सदर विधायक ने इन खराब व्यवस्थाओं को लेकर यातायात पुलिस को फटकार लगाई थी जिसका वीडियो भी वायरल हुआ था लेकिन विधायक की चेतावनी का भी प्रशासन पर कोई असर नहीं हुआ। एटा की जनता को बाईपास के शुरू होने का इंतजार है क्योंकि बाईपास ही एक सहारा बचा है जो इन मुश्किलों से निजात दिलाएगा अन्यथा एटा प्रशासन से तो जनता की उम्मीद ही खत्म हो गई है।

About The Author

निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

Learn More →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अपडेट खबर के लिए इनेबल करें OK No thanks