
हाथरस केस में ED ने PFI और उसके 5 सदस्यों पर दाखिल की चार्जशीट
केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय ने उत्तर प्रदेश के हाथरस में दंगे की साजिश रचने के आरोप में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया और उसके स्टूडेंट विंग कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया के 5 सदस्यों के खिलाफ लखनऊ में स्पेशल पीएमएलए कोर्ट में चार्जशीट दायर की है. चार्जशीट पर अदालत में संज्ञान भी ले लिया.
ईडी अधिकारियों के मुताबिक, पीएफआई और सीएफआई के जिन पांच सदस्यों के खिलाफ चार्जशीट दायर की गई उनके नाम हैं अतिकुर रहमान (CFI का राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष), मसूद अहमद (CFI का दिल्ली महासचिव), पेशे से पत्रकार लेकिन PFI के संपर्क में रहने वाले सिद्दीकी कप्पन, मोहम्मद आलम (PFI, CFI सदस्य). मथुरा पुलिस में इन सभी को एक कार से उस वक़्त गिरफ्तार किया था, जब ये सभी हाथरस गैंगरेप पीड़िता के परिवार से मिलने के बहाने हाथरस में दंगा भड़काने, सांप्रदायिक सौहाद्र बिगाड़ने की नीयत से वहां जा रहे थे. बाद में मामले की जांच केंद्रीय जाँच एजेंसी ईडी ने भी शुरू कर दी थी.
अधिकारियों के मुताबिक, ईडी ने मथुरा जेल में इन सभी गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ भी की थी. जांच के दौरान पता चला कि हाथरस में दंगे करवाने की पूरी साजिश CFI के नेशनल जनरल सेक्रेटरी के. ए. राउफ शरीफ ने तैयार की थी. ये सभी उसी के इशारे पर हाथरस जा रहे थे. राउफ शरीफ को 12 दिसंबर को उस वक़्त गिरफ्तार किया गया, जब वो हिंदुस्तान छोड़कर फरार होने की कोशिश कर रहा था.
ईडी अधिकारियों ने बताया कि जांच में ये भी पता चला कि हाथरस में दंगे करवाने के लिए PFI के गल्फ में बैठे आकाओं ने कई अलग-अलग तरीके से राउफ को मोटी रकम भेजी थी, जिसमें हवाला रैकेट का इस्तेमाल भी किया गया था. जांच में सामने आया है कि 1.36 करोड़ रुपये PFI और CFI के सदस्यों, पदाधिकारियों को दिए गए थे, जिनका इस्तेमाल सीएए प्रोटेस्ट, दिल्ली दंगों और हाथरस दंगों की साजिश में किया गया.