
क्या पुलिस को किसी घर में तलाशी लेने के लिए सर्च वारंट दिखाना आवश्यक होता है? पुलिस को घर में तलाशी लेने से कैसे रोका जाए?
पुलिस को तलाशी के लिए मजिस्ट्रेट द्वारा स्वीकृत वारंट जरूरी होता है, लेकिन कुछ परिस्थितियों में पुलिस को मजिस्ट्रेट की आज्ञा पर या खुद सक्षम पुलिस अधिकारी द्वारा भी बिना वारंट तलाशी के अधिकार होता है।
आप के घर पुलिस तलाशी के लिए बिना वारंट आये तो आप तलाशी के लिए मना कर सकते हैं ओर अगर वारंट है तो केवल बताई हुई जगह को ही तलाश करने का अधिकार होता है, जो जगह वारंट में लिखी हुई हो। बिना वारंट अगर पुलिस जबरदस्ती तलाश करती है तो आप सीधे हाइकोर्ट में पुलिस के खिलाफ अपील कर सकते हैं। इस तरह की तलाशी चोरी के समान को तलाशने, कॉपीराइट संबंधी समान या दस्तावेज, नकली इलेक्ट्रॉनिक सामान, नकली साहित्यिक किताबे या कोई असामाजिक व्यक्ति का आपके घर छुपा होना आदि।
बिना वारंट के साथ तलाशी –
ऐसी स्थिति जिसमे पुलिस को शक हो कि किसी घर या दुकान में वजन माप के को तौलने के समान में गड़बड़ी हो या सामान में काम वजन लिखा होना जैसी सूचना मिलने पर पुलिस विना वारंट तलाशी ले सकती है और ऐसे समान को जप्त कर सकती है। इसके अलावा ऐसी सूचना पुलिस को हो जैसे कि किसी अपराधी या अपराध से जुड़े साक्ष्य आपके घर मे मिल सकते हैं या घर मे राष्ट्र विरोधी कार्यवाही को अंजाम दिया जा रहा है, किसी आतंकवादी को पनाह दी हो, तो भी विना वारंट तलाशी हो सकती है। ऐसी किसी भी तलाशी के लिए मजिस्ट्रेट या पुलिस अधिकारी को लिखित में उस व्यक्ति को व मजिस्ट्रेट को एक प्रति में बताना होता है कि किस कारण और कहाँ बिना वारंट तलाशी ली जा रही है तथा साथ ही आपके इलाके के पुलिस अधिकारी को ही तलाशी का अधिकार होता है।