
नाले पर अवैध अतिक्रमण होने से शहर के कई मोहल्लों में रहता है जल भराव
गंदा पानी, कीचड़, सुअरों के झुंड, खाली प्लाटों में गंदगी, मच्छरों से नर्क बना कटरा मौहल्ला
एटा। नगर के बीचों बीच स्थित नाले पर अतिक्रमण हो जाने के कारण पूरा शहर जलमग्न हो जाता है। ठंडी सड़क स्थित काली मंदिर से शांतीनगर जाने वाले मार्ग पर वर्तमान में स्थित नाले को कई स्थान पर मनमाने ढंग से रोक दिये जाने के कारण महाराणा प्रताप नगर से लेकर रेलवे रोड स्थित बड़ी हनुमान गढ़ी तक और विजयनगर तक का पानी कटरा मौहल्ला स्थित नाले में आता है। जहां नाले पर अवैध अतिक्रमण कर जल निकासी के मार्ग को रोककर संकुचित कर दिया गया है।
एटा नगर के बीचों बीच स्थित कटरा मौहल्ला, दिनेश नगर, इस्लाम नगर, पटियाली गेट, किदवई नगर होता हुआ भदों तक जाने वाले नाले पर हर जगह अतिक्रमण कर लिया गया है जिसके कारण नाला संकुचित हो जाने से बरसात के दिनों में ही नहीं सामान्य मौसम होने पर भी महाराणा प्रताप नगर, विकास नगर, दिनेश नगर, भारती नगर, शांतीनगर के निवासियों के घरों और गलियों में पानी भर जाता है। जिसका आज तक नगरपालिका भी कोई समाधान नहीं कर सकी है।
बताया गया है कि कटरा मौहल्ला से 70 फीट चैडे नाले का कटरा मौहल्ला, इस्लाम नगर, पटियाली गेट, किदवई नगर आदि में अतिक्रमण कर अवैध रूप से भवन कर लिया गया है और विशाल नाले को जगह-जगह बहुत ही संकुचित नाली का रूप दे दिया है। जिसके कारण पीछे के स्थानों पर जगह जगह शहर के बीचों बीच जल भराव होता रहता है। पहले 5 चित्र कटरा मौहल्ला के हैं जहां बसने वालों को साक्षात नरक का अहसास हो रहा है। पक्का नाला न होने के कारण बहुत बडे़ क्षेत्र में जल भराव रहने के कारण मच्छरों का स्थाई निवास होने से स्थानीय निवासियों को मलेरिया आदि संक्रामक रोगों से हर समय दो चार होना पड़ता है। वहीं कीचड़ और गंदे पानी के भरे रहने से यहां के बोरिंगों से भी गंदा पानी ही निकलता है। दूषित पीकर लोग अक्सर टाईफाइड आदि रोगों से ग्रसित रहते हैं। यहां धनवान लोगों द्वारा प्लाट खरीदकर भी डाल दिये गये हैं जो इस क्षेत्र में गंदगी का बड़ा कारण बन गये हैं। इन खाली पड़े प्लाटों और गलियों में विचरण करते सुअरों के झुंड़ों से स्थानीय नागरिकों का जीना दूभर हो गया है।
नगरपालिका प्रशासन से अनुरोध है कि कटरा मौहल्ला से लेकर किदवई नगर तक नाले को अवैध अतिक्रमण से मुक्त कर पक्के नाले का निर्माण कराये ताकि शहर के बहुत बड़े क्षेत्र से जलभराव की समस्या का निराकरण हो सके। वहीं नगर के बीचों बीच खाली पड़े प्लाट स्वामियों को प्लाटों की चारदीवारी कराने हेतु नोटिस आदि दिया जाये ताकि शहर में रहने वाले नागरिकों के आसपास का स्थान और वातावरण स्वच्छ रखा जा सके। कटरा मौहल्ला और महाराणा प्रताप नगर में निर्विघ्न विचरण करने वाले सुअर पालकों को भी सुअरों को बाडे में रखे जाने की चेतावनी दी जानी चाहिए ताकि आम आदमी को सुअरों से मिलने वाली परेशानी से बचाया जा सके।