उत्तराखंड में भारी तबाही के बाद देश-विदेश सभी जताई संवेदना, ब्रिटेन के PM ने बढ़ाया मदद का हाथ

????उत्तराखंड में भारी तबाही के बाद देश-विदेश सभी जताई संवेदना, ब्रिटेन के PM ने बढ़ाया मदद का हाथ

उत्तराखंड में ग्लेशियर फटने से आई आपदा को लेकर देश ही नही विदेश के लोगों ने दुःख प्रकट किया. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, भारत में जापान के राजदूत सतोषी सुजुकी समेत दुनिया भर के कई दिग्गज नेताओं ने ग्लेशियर फटने की घटना से प्रभावित लोगों के प्रति संवेदनाएं प्रकट की हैं. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने भारत के साथ एकजुटता दिखाई.

ग्लेशियर फटने से पूरा राज्य विकराल बाढ़ की चपेट में आ गया. आपदा में 15 लोगों की मौत हुई और 150 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं. जॉनसन ने कहा कि उत्तराखंड में आई बाढ़ के बाद ब्रिटेन भारत की हर संभव मदद करने के लिए तैयार है.
बोरिस जॉनसन ने अपने ट्वीट में कहा, मेरी संवेदनाएं ग्लेशियर फटने के बाद आई विकराल बाढ़ का सामना कर रहे भारत के लोगों और उत्तराखंड के बचावकर्मियों के साथ हैं. संकट की इस घड़ी में ब्रिटेन भारत के साथ मजबूती से खड़ा है और किसी भी तरह की मदद करने के लिए तैयार है.

????आपदा में रातभर चला रेस्क्यू ऑपरेशन, अब भी फंसे हैं कई लोग, 150 से ज्यादा लापता, लग सकता है लगभग 1 हफ्ता

उत्तराखंड के चमोली में आई भीषण आपदा के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हो चुका है. ये ऑपरेशन पूरी रात चलता रहा और सूरज की पहली किरण के साथ ही इसमें और तेजी आ चुकी है. इस प्राकृतिक आपदा में अबतक 15 लोगों की मौत हो चुकी है. इस हादसे में 150 से ज्यादा लोग लोग लापता हैं. तपोवन के हाइड्रोपावर प्रॉजेक्ट की एक टनल से अब तक 12 लोगों को निकाला जा चुका है जबकि दूसरी टनल में अब भी 30 लोग फंसे हुए हैं. आर्मी, ITBP, एसडीआरएफ और उत्तराखंड पुलिस का रेस्क्यू ऑपरेशन रात भर जारी रहा और अब सुबह होते ही एयरफोर्स भी एक्शन में आ गई है. वहीं मिली जानकारी के मुताबिक रेस्क्यू ऑपरेशन पूरी तरह कंप्लीट करने में लगभग 1 हफ्ता लग सकता है.

आपको बता दें कि कल सुबह साढ़े दस बजे नंदा देवी ग्लेशियर का एक हिस्सा टूटकर ऋषिगंगा नदी में गिर गया था, जिसके बाद नदी ने विकराल रूप धारण कर लिया. इस सैलाब की चपेट में 2 हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट आए गए, पहला ऋषिगंगा पावर प्रोजेक्ट और दूसरा तपोवन पावर प्रोजेक्ट. भीषण तबही की वजह से ऋषिगंगा पावर प्रोजेक्ट पूरी तरह से तबाह हो गया जबकि तपोवन हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट में गाद, मलबा भर गया और कई लोग फंस गए. आज दिनभर इसी इन पावर प्रोजेक्ट में रेस्क्यू का काम चलेगा और जिंदा बचे लोगों को बाहर निकाला जाएगा.

????उत्तराखंड के आपदा प्रभावितों की मदद करेंगे किसान, लापता लोगों की कुशलता के लिए की गई प्रार्थना

3 नए कृषि कानूनों के खिलाफ यूपी गेट पर आंदोलन कर रहे किसानों ने उत्तराखंड में आई आपदा के प्रभावितों की मदद का निर्णय लिया है. वहीं, गाजीपुर किसान आंदोलन कमेटी ने पहाड़ी क्षेत्र व अन्य जगहों से बॉर्डर पर आ रही खाद्य सामग्री को स्टैंड बाई में रखने का फैसला किया है. इसके साथ उत्तराखंड व आसपास जिलों से यूपी गेट पर आंदोलन में शामिल होने आ रहे किसानों को भी फिलहाल रोक दिया गया है. सभी को आपदा प्रभावितों की मदद के लिए कहा गया है.

उधर, राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के आह्वान के बाद आंदोलन को मिट्टी से जोड़ने का अभियान तेज हो गया. 3 गांवों से किसान कलश में मिट्टी लेकर आंदोलन स्थल पर पहुंचे. गाजीपुर किसान आंदोलन कमेटी के प्रवक्ता जगतार सिंह बाजवा ने बताया कि उत्तराखंड में दैवीय आपदा की घटना ने किसानों को पूरी तरह हिला दिया है. आंदोलन स्थल पर किसान दोपहर बाद इस घटना को लेकर चर्चा करने के दौरान चिंता व्यक्त कर रहे थे. मंच से भी इस आपदा में लापता लोग, महिलाएं व बच्चों की कुशलता के लिए दो मिनट प्रार्थना की गई.

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

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