
कृषि कानून के समर्थन में किसानों ने निकाली समर्थन यात्रा, बोले मोदी के साथ हैं
हिन्द मजदूर किसान समिति ने मुजफ्फनगर से गाजियाबाद तक निकाली यात्रा
बिल के समर्थन यात्रा में शामिल हुए हजारों किसान
लखनऊ / गाजियाबाद, 20 दिसम्बर
केन्द्र सरकार के कृषि बिल के समर्थन में अब किसान लामबंद होना शुरू हो गए हैं। रविवार को हिन्द मजदूर किसान समिति के नेतृत्व में कृषि बिल के समर्थन में हजारों की संख्या में किसानों व मजदूरों ने मुजफ्फनगर से गाजियाबाद तक कृषि बिल समर्थन यात्रा निकाली। इस दौरान केन्द्रीय पशुपालन एवं मत्स्य राज्य मंत्री डा. संजीव बालियान मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि कृषि कानून किसानों के हित में है लेकिन विपक्ष के लोग किसानों को बहका रहे हैं। समिति के अध्यक्ष राजपाल सिंह ने कहा कि वह इस बिल को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का समर्थन करते हैं। बिल के समर्थन में समिति के पदाधिकारियों ने केन्द्रीय कृषि मंत्री से मुलाकात भी की।
कृषि बिल के समर्थन में रविवार को हिन्द मजदूर किसान समिति के नेतृत्व में हजारों की संख्या में किसानों व मजदूरों ने मुजफ्फरनगर से क
समर्थन यात्रा निकाली, जो बिजनौर, बागपत से होते हुए गाजियाबाद के इंद्रापुरम स्थित रामलीला मैदान पहुंची। कृषि बिल समर्थन यात्रा जिस जिले से होकर निकली वहां से हजारों की संख्या में किसान व मजदूर इसमें शामिल होते चले गए। यात्रा में किसान नेता चंद्रमोहन व समिति के अध्यक्ष चंद्रमोहन ने किसानों को कृषि बिल से होने वाले लाभ के बारे में बताया। इस दौरान समिति के सदस्यों ने केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर से मुलाकात की। साथ ही कृषि कानूनों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी जाहिर की।
कार्यक्रम में दौरान केन्द्रीय पशुपालन एवं मत्स्य राज्य मंत्री डा. संजीव बालियान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी किसानों के हित में लगातार काम कर रहे हैं। कृषि कानून के जरिए वह किसानों की आय दोगुनी करना चाहते हैं लेकिन विपक्ष किसानों को गुमराह करने का काम कर रहा है, वह नहीं चाहता है कि देश के किसान तरक्की करें। उन्होंने किसानों को कृषि कानून और सरकार की योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी।
किसान नेता शैलेन्द्र ने कहा कि हम मोदी का कृषि कानून स्वीकार करते हैं। कृषि बिल आने से मंडी के दलाल खत्म हो जाएंगे। किसानों को सीधा फायदा होगा। किसान नेता सुनील ने कहा कि किसान अंदोलन में वह कौन लोग है, जो देश को तोड़ने का काम कर रहे है। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाना चाहिए।