बठिंडा में 22 साल के किसान ने जहर खाकर जान दी, दो दिन पहले दिल्ली बॉर्डर से लौटा था

पंजाब : बठिंडा में 22 साल के किसान ने जहर खाकर जान दी, दो दिन पहले दिल्ली बॉर्डर से लौटा था

किसान आंदोलन में एक और सुसाइड की खबर सामने आई है। बठिंडा में 22 साल के किसान गुरलाभ सिंह ने रविवार को खुदकुशी कर ली। वह दो दिन पहले ही कृषि कानूनों के खिलाफ जारी आंदोलन से लौटा था। इससे पहले, 16 दिसंबर को 65 साल के संत बाबा राम सिंह ने खुदकुशी कर ली थी। उन्होंने गुरुमुखी में लिखे सुसाइड नोट में कहा था कि यह जुल्म के खिलाफ एक आवाज है।

बठिंडा के कस्बा रामपुरा फूल के दयालपुरा में रहने वाला गुरलाभ 18 दिसंबर को ही अपने वापस आया था। वह हरियाणा के बहादुरगढ़ से सटे दिल्ली के टीकरी बॉर्डर पर धरने में शामिल था। उसने रविवार को जहर की गोलियां खाकर जान दे दी। शुरुआती जांच में पता चला है कि गुरलाभ सिंह छोटे स्तर का किसान था और उस पर करीब 6 लाख रुपए का कर्ज था।

ज्ञातव हो कि कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसान दिल्ली बॉर्डर पर पिछले 25 दिन से आंदोलन कर रहे हैं। कड़ाके की ठंड में भी उनका प्रदर्शन जारी है। आंदोलन के दौरान अब तक अलग-अलग वजहों से 20 से ज्यादा किसानों की माैत हो चुकी है।

About The Author

निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

Learn More →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अपडेट खबर के लिए इनेबल करें OK No thanks