अपराध समीक्षा बैठक में डीएम तथा एसएसपी एटा ने दिए आवश्यक दिशा निर्देश

अपराध समीक्षा बैठक में डीएम तथा एसएसपी एटा ने दिए आवश्यक दिशा निर्देश, देशव्यापी किसान आन्दोलन के दृष्टिगत क्षेत्र में रखें पैनी नजर दिनांक 16.12.2020 को जिलाधिकारी एटा श्री सुखलाल भारती एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एटा श्री सुनील कुमार सिंह द्वारा पुलिस लाइन स्थित सम्मेलन कक्ष में अपराध समीक्षा की बैठक की गयी जिसमें अपर पुलिस अधीक्षक एटा ओमप्रकाश सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक अपराध राहुल कुमार, समस्त क्षेत्राधिकारीगण, समस्त प्रभारी निरीक्षक/थानाध्यक्ष/थानाप्रभारी व अन्य पुलिसकर्मी उपस्थित रहे।

अपराध गोष्ठी में निम्न बिन्दुओं पर दिशानिर्देश दिये गयेः-

1 किसान एवं किसान संगठनों से संवाद बनाकर रखा जाए। किसान एवं किसान संगठनों के मध्य किसी भी अप्रिय घटना होने से रोकी जाए।

2- धरना स्थलों पर सभी लोगों का विवरण रखा जाए एवं प्रतिबंधित संगठनों एवं असामाजिक तत्वों द्वारा यदि धरना स्थल पर पाया जाता है तो समुचित कार्यवाही कराते हुए यह प्रयास किया जाये कि ऐसे संगठन एवं तत्व धरनास्थल पर न उपस्थित हो सकें। यदि पहुंच जाते हैं तो तत्काल समुचित कार्यवाही की जाए।

3- महिलाओं एवं बालिकाओं संंबंधी अपराधों पर प्रभावी रोकथाम लगाई जाए, एवं ऐसे प्रकरणों में तत्परता पूर्वक कार्यवाही करते हुए आरोपियों की गिरफ्तार कर पीड़िताओं को शीघ्र न्याय दिलाया जाए।

4- असामाजिक तत्वों एवं गुंडा एक्ट से संबंधित अपराधियों को चिंहित कर सख्त कार्यवाही की जाए ।

5 जघन्य अपराधों का निस्तारण कर त्वरित कार्यवाही करें, सही मामलों में तुरन्त FIR हो एवं शिकायतकर्ता संतुष्ट होना चाहिए।

6 शस्त्र लाइसेंसधारी व्यक्तियों के कारतूसों का शत-प्रतिशत सत्यापन कराया जाए, अपराधों में लिप्त ऐसे व्यक्तियों के शस्त्र लाइसेंस निरस्तीकरण हेतु रिपोर्ट जिलाधिकारी कार्यालय अविलंब भेजी जाए।

7- सभी थाना प्रभारियों को उनके थाना क्षेत्र में चिन्हित किए गए सक्रिय गैंगों का शत-प्रतिशत रजिस्ट्रेशन कराने हेतु निर्देशित किया गया साथ ही अवैध शराब के निर्माण, अपमिश्रित शराब की बिक्री एवं तस्करी पर शत-प्रतिशत कार्यवाही की जाए।

8- अनूसूचित जाति एवं जनजाति के व्यक्तियों के साथ घटित होने वाले अपराधों पर प्रभावी रोकथाम लगाई जाए, अवैध शस्त्र, फैक्ट्री एवं कारतूसों आदि पर नियंत्रण हेतु प्रभावी कार्यवाही की जाए।

9- सूचीबद्ध अपराधियों एवं चिह्नित किए गए टाॅप 10 अपराधियों के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही करते हुए उनसे संबंधित सभी अभिलेखों को अध्यावधिक रखा जाए।

10- सभी अपर पुलिस अधीक्षक एवं क्षेत्राधिकारी अपने अधीनस्थों को गाईड करें, क्षेत्राधिकारी स्वयं क्षेत्र में निकले ड्यिूटीरत अधीनस्थों को चैक करें, उनकी किसी भी समस्या को संज्ञान लेते हुये उसका तत्काल निराकरण करायें।

11- लम्बित विवेचनाओं के शीघ्र व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण तथा वांछित/वारण्टी अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी की जाये।

12- जनशिकायती प्रार्थना पत्र, आईजीआरएस प्रकरण में प्राप्त प्रकरणों का गुणवत्तापूर्वक निस्तारण समय से सुनिश्चित किया जायें। साथ ही सभी क्षेत्राधिकारियों द्वारा अपने सर्किल के थानों पर प्राप्त शिकायती प्रार्थना पत्रों के निस्तारण की गुणवत्ता की रैण्डम चैकिंग की जाये। सभी थानाध्यक्ष पीड़ित/आवेदक से स्वयं वार्ता कर उनकी समस्या के निस्तारण के सम्बन्ध में जानकारी करें। साथ ही सभी अधिकारी व कर्मचारी अपना व्यवहार उच्चकोटि का रखें। नियमानुसार वर्दी धारण करें। आचरण में सौम्यता एंव शालीनता रखी जाये। दुर्व्यवहार की शिकायत पर दोषी कर्मियों के विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्यवाही की जायेगी।

गोष्ठी के अन्त में सभी राजपत्रित अधिकारियों से अपना पर्यवेक्षण सुदृढ रखते हुये उक्त बिन्दुओं पर अधीनस्थों द्वारा की जा रही कार्यवाही का निरन्तर अनुश्रवण कर वाॅछित कार्यवाही समयबद्ध ढंग से पूर्ण कराने की अपील की गयी।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

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