मुरादाबाद: कोरोना महामारी के घोर संकट के समय भी अधिकारियों में समन्वय की कमी देखने को मिल रही है। जिसमें बड़े स्तर की लापरवाहियां उजागर हो रहीं हैं। जी हां कुछ ऐसी ही लापरवाही की गाज जेलर रीवन सिंह पर गिरी है। डीआईजी जेल बीपी त्रिपाठी की रिपोर्ट के बाद देर रात उन्हें निलंबित कर जेल ट्रेनिंग सेंटर से सम्बद्ध कर दिया गया। इस कार्रवाई से पूरे जेल प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। यही नहीं जेल में तैनात डॉक्टर के खिलाफ भी कार्रवाई की संस्तुति की गयी है।
ये है मामला
जानकारी के मुताबिक नवाबपुरा में पुलिस और स्वास्थ्य कर्मियों पर हमला करने के मामले में पुलिस ने 17 आरोपितों को गिरफ्तार करके जेल भेजा था, जिन आरोपितों को गिरफ्तार किया गया था। उनमें से पांच लोग कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए थे। इसके बाद डीआइजी जेल बीपी त्रिपाठी ने कैंप किया। इसी दौरान अन्य विभागीय बातें भी सामने आईं। जिसमें जेल की गोपनीय बातें सोशल मीडिया पर वायरल करने की शिकायत की गयी। इसके बाद जांच रिपोर्ट शासन को भेजी। उसी के आधार पर प्रमुख सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने कोरोना वायरस से बंदियों की सुरक्षा में लापरवाही बरतने के मामले में जेलर रीवन सिंह को निलंबित करने की कार्रवाई की।
इसलिए की कार्रवाई
डीजी जेल आनंद कुमार के मुताबिक कि गुटबाजी और अन्य शिकायत पर मुरादाबाद के जेलर को निलंबित किया गया है। जेल में तब्लीगी जमात के बंदियों के आने के बाद जेलर की लापरवाही की शिकायत आई थीं। यही नहीं उन्होंने बताया कि जेल के डॉक्टर के खिलाफ भी कार्रवाई की संस्तुति की गई है।