उ0प्र0 परिवहन निगम / नोयडा डिपो के परिचालक विभाग को लगा रहे पलीता / चूना। विभाग सोया गहरी नींद।

नोएडा डिपो व ग्रेटर नोएडा की पीली बसों के परिचालक अपनी मनमानी व हठधर्मी के कारण सवारीयो को 5 से 10 किलोमीटर तक का टिकट आनाकानी करते हुए नहीं देते है ओर सवारीयो के ज्यादा कहने पर टिकट तो देते मगर सवारी जहाँ से बैठती है वहाँ से नहीं बल्कि कई किलोमीटर दूर जाकर टिकट देते मशीन वही से टिकट निकालती है जहाँ पर गाडी चल रही होती है ओर उस बीच का पैसा परिचालक डकार जाते। ज्यादा कुछ कहने पर कहते हैं कि आप चिंता ना करे हम बैठै है। हम सब देख लेंगे इस प्रकार के मामले पहले हो चुके है मगर परिवहन के चेंकिग अधिकारी इस रुट पर चैकिंग करने में कुछ ज्यादा ही सकुचाते / परहेज करते है या परिचालको पर मेहरबानी बनाये हुए हैं ये बात वही लोग जाने।
इसी प्रकार का एक मामला आज उ0प्र0 के गोतमबुद्व नगर के नोयडा क्षेत्र के परिचोक के आसपास का नजर आया कुछ यात्री परिचौक के पास से नोयडा डिपो की बस में गाड़ी सवार हुए पहले तो टिकट नहीं यात्रीयो के माँगने पर टिकट कासना गांव में आकर दिये जो टिकट 36 रुपये की कीमत का बनना था वह टिकट केवल 24 रुपये का ही बना कयोंकि मशीन सच बोलती है ओर क्षेत्र को देखकर टिकट निकालती है। जब परिचालक से हमारे जिले के संवाददाता ने इस बारे जानकारी लेनी चाही तो परिचालक भूल जाने की बात कह कर गुमराह करता नजर आया ओर ना ही अपना नाम बताया।
देखना होगा कि परिवहन ऐसै भ्रष्टाचारी परिचालको पर कब लगाम लगायेगे ताकी विभाग का नुकसान ना हो पाये या ऐसे ही चलता रहेगा। अंधी पिसे कुत्ता खाये ना तो रास्ते में कोई मोबाइल चैकिंग ना ही कोई डर भय। अगर समय समय पर चैकिंग होती रहे तो कुछ तो भय खौफ रहेगा।
इसी बाबत जब हमारे संवाददाता ने ए0आर0एम त्रिपाठी जी ली तो उन्होंने कार्यवाही की बात कही।