
कासगंज।भारत के स्वतंत्रता आन्दोलन में ” स्वराज्य ” की परिकल्पना कर आगरा के अन्दर दैनिक स्वराज्य टाइम्स के जरिऐ अग्रेंजी हूकूमत को नेस्तनाबूद करने में अहम किरदार निभाकर हिन्दी पत्रकारिता की नींव डालने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परमपूज्यनीय दादाजी श्री आनंद शर्मा जी के कल शुक्रवार को गोलोकवासी होने के बाद आज शनिवार को आगरा से उनके कनिष्ठ पुत्र श्रद्देय अजय शर्मा द्वारा उनके पवित्र अस्थि कलश को सोरों जी हरि की पैडी में विसर्जन यात्रा के दौरान मुझे एटा में दर्शन कर विनम्र श्रद्धांजलि देने का सौभाग्य प्राप्त हुआ ! किसको मालूम था कि आएगी खुशी बनकर सितम, कौन समझा था कि इस तरह जुदाई होगी– जुल्म करना उसकी आदत ही सही मौत मगर, आंख उसकी भी इस गम से भर आयी होगी राकेश कश्यप