हाईस्कूल और इंटर परीक्षा-2021 के लिए केंद्र निर्धारण नीति में हुए कई बड़े बदलाव

हाईस्कूल और इंटर परीक्षा-2021 के लिए केंद्र निर्धारण नीति में हुए कई बड़े बदलाव

यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा-2021 के लिए केंद्र निर्धारण की नीति जारी हो गई है. इस बार के निर्धारण की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव गया है. बोर्ड परीक्षा में पहले बालिका विद्यालयों को सेंटर बनाया जाएगा. बालिका विद्यालयों को राजकीय और सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों पर वरीयता दी गई है. इसके बाद जरूरत के मुताबिक सेंटर बनाए जाएंगे.

पिछले साल राजकीय सहायता प्राप्त और वित्तविहीन कॉलेज के आधार पर सेंटर का निर्धारण किया गया था. इस बार परीक्षा केंद्रों पर सुविधा संबंधी जांच डीआईओएस नहीं, बल्कि डीएम की ओर से बनाई गई टीम करेगी. एक पाली में 150 से कम विद्यार्थियों की संख्या वालों को परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाएगा. परीक्षा केंद्र बनाने की पूरी जिम्मेदारी डीएम के हवाले कर दी गई है. डीएम की ओर से तय केंद्रों की सूची डीआईओएस यूपी बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड करेंगे.

यूपी बोर्ड परीक्षा में कोरोना गाइडलाइन का पालन किया जाएगा. परीक्षा में कम से कम 150 और अधिकतम 800 छात्रों का सेंटर बनाया जाएगा. कोरोना वायरस के चलते प्रत्येक विद्यार्थी के लिए 36 वर्ग फीट का क्षेत्रफल तय किया गया है. 5 दिसंबर तक सभी प्रधानाचार्य विद्यालय की आधारभूत सूचनाएं यूपी बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड करेंगे. 20 दिसंबर तक सूचनाओं का भौतिक सत्यापन जिला समिति करेगी.

इसके बाद 26 दिसंबर तक जिला समिति भौतिक सत्यापन की रिपोर्ट यूपी बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड होगी. 11 जनवरी तक सूचना और रिपोर्ट के आधार पर केंद्रों का ऑनलाइन चयन कर जिला समिति के निरीक्षण रिपोर्ट की अपलोड जाएगी. इसके बाद 16 जनवरी तक एक्जाम सेंटर को लेकर आपत्तियां व शिकायतें ली जाएंगी. 25 जनवरी तक डीआईओएस को आपत्तियों का परीक्षण व निस्तारण की सूचना वेबसाइट पर अपलोड करनी होगी. 31 जनवरी तक आपत्तियों को परीक्षण की रिपोर्ट की जांच डीएम व उनकी कमेटी करेगी.

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

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