भारत नही शामिल हुआ RCEP में, किया एक नया समझौता

भारत ने फिर दोहराया है कि वह क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी व्यापार समझौते में शामिल नहीं होगा. 16 देशों के बीच बनने वाले मुक्त व्यापार क्षेत्र को लेकर भारतीय चिंताओं का उचित समाधान नहीं मिलने पर भारत समझौते को लेकर पुराने रूख पर कायम है. जिन बातों को लेकर भारत ने चिंता जाहिर की है उनमें से चीनी सामान की भारतीय बाजार में भरमार प्रमुख है.
चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और आसियान संधि के सभी 10 सदस्यों ने मेगा क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी आरसीईपी व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं. इससे पहले पिछले सप्ताह विदेश मंत्रालय की सचिव रीवा गांगुली दास ने कहा था, हमारा रुख साफ है. भारत आरसीईपी में शामिल नहीं हुआ है क्योंकि कुछ मुद्दों पर सहमति नहीं है. हालांकि, हम आसियान के साथ अपने व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं.
वहीं एक और समझौता हुआ है जिसके तहत भारत एक पर्यवेक्षक सदस्य के रूप में समूह की गतिविधियों में भाग ले सकता है. इस समझौते के तहत भविष्य में आरसीईपी में शामिल होने का रास्ता खुला रहेगा. इस समझौते के बाद एक संयुक्त वक्तव्य में कहा गया, भारत आरसीईपी की बैठकों में एक पर्यवेक्षक के रूप में भाग ले सकता है.