राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया सिंधिया का बढ़ा कद

*राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया सिंधिया का बढ़ा कद: भाजपा में दिखेंगे नए समीकरण* *पंकज पाराशर छतरपुर* भोपाल l मध्य प्रदेश में विधानसभा उपचुनाव के नतीजों से भाजपा तो उत्साहित है ही लेकिन उससे भी कहीं ज्यादा उत्साहित कुछ समय पहले भाजपा की गोद में बैठने वाले पूर्व कांग्रेसी ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके समर्थक हैं। इसकी वजह बेहद साफ है। उन्होंने इस चुनाव में न सिर्फ कांग्रेस के गढ़ में सेंध लगाते हुए मतदाताओं को अपनी तरफ रिझाने में सफलता हासिल की है बल्कि इस चुनाव में भाजपा को जीत दिलाकर ये भी बता दिया कि इस क्षेत्र में उनका वर्चस्व पहले की ही तरह जस का तस बना हुआ है। यही उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि भी है। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में कुल 28 सीटों पर उपचुनाव हुए थे जिसमें 19 पर ज्योतिरादित्य सिंधिया भाजपा को जीत दिलाने में सफल रहे हैं। इस जीत से उन्होंने ये भी साफ कर दिया है कि ये क्षेत्र कांग्रेस का गढ़ नहीं बल्कि उनका क्षेत्र है। आपको बता दें कि ये उपचुनाव कांग्रेस के कमलनाथ और ज्योर्तिादित्य सिंधिया के लिए एक साख का सवाल बन चुका था। इसकी पटकथा तभी लिखी जा चुकी थी जब मुख्यमंत्री न बन पाने से नाराज ज्योर्तिादित्य ने भाजपा ज्वाइन की थी। तभी से दोनों के बीच सबसे बड़ी चुनौती अपनी साख को बचाकर रखने की थी, जिसमें काफी हद तक ज्योतिरादित्य सिंधिया सफल हुए हैं। कहा जा सकता है कि कमलनाथ के राजनीति के वर्षों पुराने अनुभव पर वो भारी पड़े हैं। सिंधिया की ये जीत केवल यहीं तक सीमित नहीं रही है। अब इस जीत से उनके आगे की राह भी खुल गई है। ये राह उन्हें कैबिनेट में शामिल होने के दरवाजे खोलती दिखाई दे रही है। वर्ष 2018 के विधान सभा चुनावों में भाजपा को 42.30 फीसदी वोट मिले थे। इस उपचुनाव में भाजपा को करीब 56 फीसदी वोट मिले है। वोट हिस्सेदारी में इतना बड़ा उछाल सिंधिया की वजह से आया है,उन्होंने अपने वोट बैंक को पूरी तरह से भाजपा के साथ ला दिया है। चुनाव का सबसे बड़ा कारण कांग्रेस से भाजपा में आए राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया थे। चुनाव में उनकी साख दांव पर थी। इस जीत के बाद वे पूरी तरह से भाजपा में बड़े कद के नेता के रूप में स्थापित हो गये है। मुरैना को छोड़कर उनके समर्थक सभी विधयाक ने जीत दर्ज की है। यह जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण हो जाती है क्योंकि कई विधान सभा में भाजपा कार्यकर्ताओं क भीतरघात भी देखने को मिला है। इसके बावजूद सिंधिया समर्थक विधायकों ने ज्यादातर सीटों पर जीत दर्ज की है। उनके समर्थक विधायकों में एक को छोड़कर सभी मंत्रियों ने भी जीत दर्ज की है। राष्ट्रीय राजनीति में ज्योतिरादित्य सिंधिया का कद बढ़ेगा l

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

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