दीपावली को देखते हुए अधूरे काम को पूरा करने के लिए बुनकरों को दी गई छूट

दीपावली को देखते हुए अधूरे काम को पूरा करने के लिए बुनकरों को दी गई छूट

वाराणसी ।। वस्त्र बुनकर संघ और बुनकर बिरादाराना तंजीम के बीच एक संयुक्त बैठक चौकाघाट में हुई । बैठक में दीपावली के त्यौहार को देखते हुए यह निर्णय लिया गया कि बनारस का पावरलूम बंदी का अनिश्चितकालीन हड़ताल के साथ मुर्रीबंद भी आयोजित था तो मुर्हि बन्द में कपड़े से सम्बंधित सभी प्रकार की लेनदेन की प्रक्रिया बन्द थे । जो दीपावली के त्यौहार को देखते हुए लेनदेन की प्रक्रिया को शुरू कर दिया गया है और साथ अधूरे काम को पूरी करने की छूट दिया गया है।

सभी तंजीमों ने वाराणसी वस्त्र बुनकर संघ के साथ और उत्तर प्रदेश बुनकर सभा के साथ विश्वास जताते हुए मांग पूरी ना होने तक अपने समर्थन को जारी रखा है । और आगे की रणनीति पर बैठकर निर्णय लिया जाएगा
बुनकरों की इस बड़ी समस्या को देखते हुऐ वाराणसी वस्त्र बुनकर संघ बहुत जल्दी ही सरकार के सक्षम अधिकारी व मुख्यमंत्री से मिलकर मामले को हल कराने का प्रयास करेंगें। कल मुख्यमंत्री जी बनारस आये और हम बुनकरों से बिना मिले हम लोगों की समस्याओं को बिना समझे चले गये जिसका काफी दुख बुनकरों को हुआ जो काफी उम्मीदें लगा कर बुनकर मुख्यमंत्री का इंतजार कर रहे थे।

संघ के इस प्रयास में वाराणसी जनपद के कुछ खास सम्मानित स्वयंसेवी लोग भी आगे आयें हैं और उन लोगों ने भी मध्यस्थता कर मामले का हल निकालने की
पहल करनी शुरु कर दिया है।

अध्यक्ष राकेश कांत राय ने कहा सरकार भले ही फलैट रेट विद्युत बहाली योजना न बहाल करें लेकिन जब तक बुनकरों को सस्ती बिजली नहीं मुहैया कराई जाती तब तक सरकार से उम्मीद बरकरार रहेगी क्योंकि यूपी का कपड़ा उद्योग जो अपने सहारे पर भारी संख्या में लोगों को रोजगार मुहैया कराती थी ।और राजस्व भी देती थी ।आत्मनिर्भर बनने के मुहिम में सरकार ने खुद अपने पैर में कुल्हाड़ी मार ली है । और वर्षों से चली आ रही बनारस की इस पारंपरिक कला बनारसी परिधान,साड़ी को भी मटियामेट होते आप लोग देखेगें।यू.पी. के बुनकरों ने अपना बहुत कुछ बलिदान किया है । अब और भारी संख्या में बुनकरों का पलायन गुजरात महाराष्ट्र आदि राज्यों में होगा। बुनकर बहुल लगभग 22 जिलों में फांकाकसी और त्रासदी की स्थिति पैदा हो गयी है। बुनकर जिंदा रहा तो सरकार का खजाना भी कमाकर भर देंगें।मुख्यमंत्री जी त्राहिमाम कर रहे बुनकरों को बचा लें।

बैठक में प्रमुख रुप से सभी तंजीमों के सरदार महतो साहवान महताब आलम असलम भाइ ज्वाला सिंह अकरम भाई अनीस भाइ बेलाल अंसारी आदि लोग थे।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

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