रामसिया भारती क्या बन पायेंगी कांग्रेस की उमा भारती
कभी “भगवां आतंक” का नारा बुलंद करने वाली कांग्रेस आज भगवां के भरोसे

छतरपुर, राजनीति भी क्या क्या नहीं करवाती जिस वोटर के सहारे पांच साल सरकार सत्ता सुख भोगती है चुनाव के बाद उसी वोटर से दूरियां बना लेने में नेताजी को महारथ हासिल होती है । जिले की बड़ामलहरा विधानसभा में होने वाले उप चुनाव में बड़ी रोचक स्थिति देखने को मिल रही है ।
कभी पूर्व मुख्यमंत्री उमाभारती का गढ़ रहा बड़ामलहरा क्षेत्र उमा भारती को एक साध्वी के रूप में पूजता रहा और उमा भारती की बदौलत बड़ामलहरा सीट लंबे अरसे से भाजपा के खाते में जाती रही । शायद यही वजह है कि कांग्रेस ने भी साध्वी बनाम साध्वी का खेल खेला है और रामसिया भारती को उमा भारती का पर्याय बना कर बड़ामलहरा सीट से चुनाव मैदान में उतारा है । मगर क्षेत्र की जनता कांग्रेस नेताओं के उन बयानों को अभी तक भूली नहीं है जब कांग्रेसी नेता खुले मंचों से भगवां वस्त्र धारण करने वाले लोगों को आतंकवादी कहकर संबोधित करते थे आज वही नेता उसी भगवां वस्त्र धारी साध्वी को ढाल बना कर चुनाव जीतने की जुगत लगा रहे हैं ।
इस बारे में जब जनता से पूंछा गया तो जनता का सीधा सा जबाब आया कि अब हम किसी के बहकावे में आकर वोट नहीं करेंगे । अब वही जीतेगा तो सचमुच विकास करेगा । विकास के वादे करने वालों को हमने खूब देखा इस बार विकास करने वाले को चुनना है ।
कुल मिलाकर जनता खुलकर सामने नहीं आ रही है ऐसे में कांग्रेस की भगवां वादी सोच पर पानी भी फिरता नजर आ रहा है ।