*इमरजेंसी केस ही ले सकेंगे निजी डॉक्टर*
कोरोना की रोकथाम को लॉकडाउन के दौरान असाध्य रोगों से ग्रसित एवं मेडिकल इमरजेंसी केसों के पीड़ितों की परेशानी को देखते हुए प्रशासन ने निजी चिकित्सकों को इमरजेंसी केस लेने की अनुमति दे दी है। ओपीडी पर रोक यथावत रखी गई है। इस मामले में जारी गाइडलाइनों के अनुसार बीमारियों संबंधित परीक्षण अब सुबह 8:00 से 12:00 बजे तक हो सकेंगे। लॉकडाउन के दौरान बीमारियों से ग्रसित मरीजों का बुरा हाल है। ओपीडी बंद होने के कारण वह चिकित्सकीय परामर्श नहीं ले पा रहे हैं। असाध्य रोगों से ग्रसित लोगों का तो और बुरा हाल है। इस पर प्रशासन ने पदाधिकारियों के साथ विचार विमर्श कर निजी चिकित्सकों के लिए गाइडलाइंस जारी की हैं। एसोसिएशन के सचिव डॉ भरत ने बताया प्रशासन ने मात्र इमरजेंसी केस लेने की अनुमति दी है। ओपीडी पूर्व की भांति नहीं हो सकेगी। विभिन्न बीमारियों के सैंपल सुबह 8:00 से 12:00 बजे तक लिए जा सकेंगे। इसके बाद पैथोलॉजी लैब वाले शटर बंद कर परीक्षण एवं रिपोर्ट बनाने का काम कर सकेंगे।
ओर कवल सुबह 8 से 12 बजे तक कर सके गए परिश्रम