
एटा। जन अधिकार पार्टी ने दिया ज्ञापन केन्द्र व प्रदेश सरकार की जन विरोधी नीतियों, डीजल-पेट्रोल के
कीमतों में बढ़ोत्तरी को वापस लेने एवं भाजपा० सरकार द्वारा
पिछड़े वर्ग का आरक्षण समाप्त किये जाने एवं क्रीमिलेयर व्यवस्था लागू
करने के विरूद्ध प्रदेश की बिगड़ती कानून व्यवस्था, मंहगाई एवं आरक्षण समाप्त
किये जाने एवं क्रीमिलेयर की व्यवस्था लागू किये जाने के विरूद्ध भागीदारी संकल्प मोर्चा
द्वारा किये जा रहे प्रदर्शन की तरफ ले जाना चाहता हूँ। प्रदेश में चारों तरफ पिछड़ों,
दलितों, अल्पसंख्यकों के ऊपर हर रोज हत्या, लूट, बलात्कार, और आगजनी की घटनाएं
हो रहीं हैं जिनमें से तमाम घटनाओं को भागीदारी संकल्प मोर्चा ने सरकार के समक्ष रखा
है किन्तु ऐसा लगता है कि प्रदेश सरकार का प्रशासन पर नियंत्रण बिल्कुल खत्म हो गया
है। चारों तरफ त्राहि-त्राहि मचा हुआ है। डीजल- पेट्रोल की कीमतें आसमान छू रही है।
संविधान एवं विधि द्वारा प्रदत्त आरक्षण व्यवस्था तार-तार हो रहा है। मेडिकल प्रवेश में
आरक्षण समाप्त कर दिया गया है। पिछड़े वर्ग के छात्रों की छात्रवृत्ति खत्म कर दी गयी
है, किन्तु सरकार कुछ भी सुनने, समझने, मानने और अवांछित तत्वों के खिलाफ कार्यवाही
करने को तैयार नहीं है।
इस सम्बन्ध में जन अधिकार पार्टी एवं भागीदारी संकल्प मोर्चा द्वारा पिछले 01
जून 07 जून तक लगातार धरना-प्रदर्शन भी किया गया और उसके बाद भी लगातारप्रत्येक सोमवार को प्रदर्शन किया जा रहा है आज धरना प्रदर्शन का 17 वां सोमवार है
और प्रत्येक सोमवार को महामहिम को ज्ञापन भी भेजा जा रहा है किन्तु शासन प्रशासन
द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। एक स्वस्थ लोक तन्त्र में जनता की आवाज
की इस प्रकार की अनदेखी अच्छी नहीं है।
अतः भागीदारी संकल्प मोर्चा पुनः आप से यह अनुरोध करता है कि
उसकी निम्नलिलखित मांगों पर विचार करके प्रदेश सरकार को सही दिशा-निर्देश देने
की अनुकम्पा करें।
जन अधिकारी पार्टी एवं भागीदारी संकल्प मोर्चा की प्रमुख मांगे निम्नवत हैं:-
- पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतें तत्काल वापस ली जाय।
- पिछड़ों, दलितों, अल्पसंख्यकों की हत्याओं एवं उत्पीड़न को तत्काल रोका जाय।
- मजदूरों को व्यवस्थित होने के लिए उन्हें कम से कम 15000/- रूपये एक मुश्त
दिए जाय और 7500/- रूपये अगले एक वर्ष तक प्रतिमाह दिए जाय। - सरकार द्वारा पिछड़ों का आरक्षण मेडिकल सहित सभी क्षेत्रों में शून्य कर दिया गया
है। इसे तत्काल बहाल किया जाय, साथ ही भागीदारी संकल्प मोर्चा यह भी मांग
करती है कि पिछड़े वर्ग में क्रीमिलेयर की व्यवस्था समाप्त की जाये। यदि सरकार
क्रीमिलेयर व्यवस्था लागू ही करना चाहती है तो क्रीमिलेयर की सीमा शुद्ध बचत का
कम से कम 15 लाख रूपये रखा जाय। - अन्य वर्गों की तरह पिछड़े वर्ग की छात्रों को भी छात्रवृत्ति प्रदान की जाय।
- पूरे देश में शिक्षा का पाठयक्रम एक समान किया जाए और बेरोजगार नवयुवकों
को रोजगार उपलब्ध कराया जाय। - किसानों को खाद, बीज व कीटनाशक दवायें उचित मूल्य पर उपलब्ध कराया जाय
और सिंचाई व्यवस्था मुफ्त किया जाय। - अन्ना प्रथा (आवारा पशुओं) को बन्द किया जाय, जिससे किसानों की फसलों की
सुरक्षा हो सके। - छोटे व मझलें किसानों, दुकानदारों/व्यापारियों का कर्ज एवं बिजली का बिल माफ
किया जाय।
10.किसानों के गन्ने का मूल्य का भुगतान किया जाय।इस मौके पर संग्राम सिंह परवीन कुमार आदि मौजूद रहे।