एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष जज पवन कुमार राय ने आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर और उनकी पत्नी डा. नूतन ठाकुर के खिलाफ रेप का फर्जी केस खड़ा करने के मामले में दाखिल रिवीजन अर्जी को खारिज की।

लखनऊ
एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष जज पवन कुमार राय ने आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर और उनकी पत्नी डा. नूतन ठाकुर के खिलाफ रेप का फर्जी केस खड़ा करने के मामले में दाखिल रिवीजन अर्जी को खारिज की।
राज्य सरकार की ओर से दाखिल इस रिवीजन अर्जी में निचली अदालत के आदेश को चुनौती दी गई थी।
31 जुलाई, 2017 को निचली अदालत ने इस मामले में अभियुक्त पूर्व कैबिनेट मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति के खिलाफ दाखिल आरोप पत्र पर आईपीसी की धारा 211 और 120 बी के तहत संज्ञान लिया था।जबकि पुर्नविवेचना के बाद पुलिस ने गायत्री के खिलाफ आईपीसी की धारा 467,468, 471,420 व 203 के तहत भी आरोप पत्र दाखिल किया था।
विशेष जज ने रिवीजन अर्जी खारिज करते हुए निचली अदालत के आदेश को सही करार दिया है।
20 जून,2015 को डा.नूतन ठाकुर ने थाना गोमतीनगर में इस मामले की एफआईआर दर्ज कराते हुए आरोप लगाया गया था कि गायत्री और अन्य अभियुक्त उनके और उनके पति के खिलाफ रेप का फर्जी मुकदमा बना रहे हैं।
इस एफआईआर में गायत्री के अलावा राज्य महिला आयोग की तत्कालीन चेयरमैन जरीना उस्मानी समेत सात लोगों को नामजद किया गया था।