डिग्री के साथ-साथ मरीजों के प्रति संवेदना भी जरूरी : प्रो. अनिल राय

बरेली। डॉक्टर बनने के लिए चिकित्सा ज्ञान के साथ मरीजों के प्रति संवेदनशील होना भी जरूरी है। मरीज के दर्द को समझना और उसके प्रति अपनापन दिखाना उपचार का अहम हिस्सा है। यह बात महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अनिल कुमार राय ने शनिवार को एसआरएमएस के 13वें दीक्षांत समारोह में कही। ‎श्रीराम मूर्ति स्मारक ट्रस्ट के तीन संस्थानों एसआरएमएस इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, एसआरएमएस इंस्टीट्यूट ऑफ एलाइड एंड हेल्थ केयर साइंसेज और एसआरएमएस कॉलेज ऑफ नर्सिंग का दीक्षांत समारोह नैनीताल रोड स्थित एसआरएमएस कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के शतिक प्रेक्षागृह में हुआ। सुबह 10:30 बजे शुरू हुए समारोह की अध्यक्षता प्रो. अनिल कुमार राय ने की। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सभी विद्यार्थी कुशल हैं, लेकिन उनके भीतर संवेदनाएं होना भी जरूरी है। जब वे मरीजों का उपचार करें तो उनके प्रति मानवीय भाव भी रखें। मरीज के माथे पर हाथ रखकर उसे भरोसा देना भी उपचार का महत्वपूर्ण हिस्सा है। समारोह में लिंकन अमेरिकन यूनिवर्सिटी के कुलपति और मेडिकल एजुकेशन एब्रॉड के तकनीकी सलाहकार एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) डॉ. पवन कपूर भी शामिल हुए। उन्हें अति विशिष्ट सेवा मेडल और विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया जा चुका है।

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पं.सत्यम शर्मा

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