
बरेली। भोजीपुरा ब्लाक में मंगलवार को आयोजित विधिक जागरूकता शिविर सिर्फ एक कार्यक्रम ही नहीं, बल्कि महिलाओं के हक और अधिकारों की खुलकर उठी आवाज का मंच बन गया। साकार संस्था, महिला शक्ति संगठन और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के संयुक्त तत्वाधान में हुए इस शिविर में दूर-दराज गांवों से आई महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपने सवालों से मंच पर बैठे अधिकारियों को घेर लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि जया प्रियदर्शनी द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद माहौल तब गर्म हुआ जब महिलाओं ने घरेलू हिंसा, दहेज और कानूनी उलझनों को लेकर सीधे सवाल दागे—जिनका मौके पर ही समाधान भी दिया गया।

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भी अहम भूमिका निभाई। एआरओ पीयूष और काउंसलर पूनम ने महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर जैसे गंभीर विषय पर जागरूक करते हुए बचाव और टीकाकरण की जानकारी दी।
एडवोकेट माधुरी ने महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों से रूबरू कराया, जबकि जया प्रियदर्शनी ने साफ कहा कि “हर जरूरतमंद को मुफ्त कानूनी सहायता मिलनी चाहिए और इसके लिए आगे आना जरूरी है।” उन्होंने मध्यस्थता केंद्र के जरिए आपसी सुलह से विवाद निपटाने पर भी जोर दिया।
साकार संस्था की सचिव नीतिका पंत ने महिलाओं को आत्मनिर्भर और जागरूक बनने का संदेश दिया। वहीं पैरा लीगल वालंटियर ज्वाला देव अग्रवाल ने बताया कि गरीब, महिलाएं, बच्चे और वरिष्ठ नागरिक अपने केस के लिए मुफ्त वकील पा सकते हैं और 15100 हेल्पलाइन पर सलाह ले सकते हैं।
कार्यक्रम में क्षय रोग पर भी जागरूकता दी गई। अंत में मंच संचालन कमलेश और ममता ने किया। इस शिविर ने न सिर्फ जानकारी दी, बल्कि महिलाओं को अपने हक के लिए बोलने की ताकत भी दी।