
ईश्वर ने इंसान को ऐसा अद्भुत शरीर दिया है, जिसकी तुलना दुनिया की कोई मशीन नहीं कर सकती। अगर हम अपने शरीर को ध्यान से देखें तो हर अंग अपने आप में एक चमत्कार है।
जरा सोचिए… गाड़ी के टायर कुछ ही समय में घिस जाते हैं, लेकिन इंसान के पैरों के तलवे पूरी जिंदगी चलने-दौड़ने के बाद भी काम करते रहते हैं। हमारा शरीर करीब 75 प्रतिशत पानी से बना है, फिर भी लाखों रोमकूप होने के बावजूद एक बूंद भी बाहर नहीं निकलती।
कोई भी चीज बिना सहारे के खड़ी नहीं रह सकती, लेकिन इंसान का शरीर खुद ही अपना संतुलन बनाए रखता है। बैटरी को बार-बार चार्ज करना पड़ता है, मगर दिल जन्म से लेकर मृत्यु तक बिना रुके धड़कता रहता है और रक्त पूरे शरीर में लगातार बहता रहता है।
आंखें ऐसे कैमरे हैं जो हर दृश्य को बेहद साफ़ देख सकती हैं। जीभ हजारों स्वाद पहचान लेती है, त्वचा हल्की-सी संवेदना को भी महसूस कर लेती है। वहीं हमारा कंठ हजारों तरह की आवाजें निकाल सकता है और कान हर ध्वनि को समझकर उसका अर्थ निकाल लेते हैं।
दरअसल, इंसान का शरीर प्रकृति और ईश्वर की सबसे अद्भुत रचना है। इसलिए शिकायत करने से बेहतर है कि हम हर दिन इस अनमोल जीवन के लिए ईश्वर का धन्यवाद करें। 🙏🏻
क्योंकि सच यही है…
हर सुबह हमारा जागना अपने आप में ही एक चमत्कार है।