बाल विवाह निषेध हेतु लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से राजकीयकृत उर्दू मध्य विद्यालय नरकट घाट, गुलजारबाग, पटना में स्नातक विज्ञान शिक्षक सूर्य कान्त गुप्ता के द्वारा छात्र-छात्राओं के बीच स्लोगन प्रतियोगिता कराई गई।

कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए श्री गुप्ता ने बताया कि बाल विवाह हमारे समाज पर एक काला धब्बा के समान है। इससे बालक-बालिकाओं का बचपन छीन जाता है। शिक्षा के द्वारा बंद हो जाते हैं। उन्हें कई शारीरिक एवं मानसिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

अतः लड़कों को 21 साल एवं लड़की को 18 साल बाद ही विवाह करना चाहिए। इस स्लोगन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान नसरीन खातून एवं इंशा परवीन को, द्वितीय स्थान जोया वर्ग-8, मुस्कान परवीन एवं मो. समीर को तथा तृतीय स्थान आयत एवं सना परवीन को प्राप्त हुआ। नगमा, अलीना, अलीशा, जोया वर्ग-6, साबिया, गुलनाज, रजिया, नबा, तैय्यबा, जोया वर्ग-5, फरहत द्वितीय, अलीबा, उजमा, फरहत प्रथम, शमा के स्लोगन भी सराहनीय रहे। इस प्रतियोगिता में निर्णायक की भूमिका शिक्षिका प्रणया कुमारी ने निभाई। कार्यक्रम के दूसरे चरण में छात्र-छात्राओं के द्वारा बाल विवाह निषेध हेतु जागरूकता रैली निकाली गई। बच्चों ने अपने लिखे नारे लगाकर लोगों को बाल विवाह नहीं करवाने हेतु प्रेरित किया। प्रधानाध्यापक एस इब्तेशाम हुसैन काशिफ की देखरेख में एवं शिक्षक सरफुद्दीन नूरी के सहयोग से यह कार्यक्रम सफल रहा। लोगों ने बाल विवाह निषेध हेतु हामी भरी तथा बाल विवाह नहीं करने का संकल्प भी लिया।