
यह घटना बहुत दुखद और चिंताजनक है। एक स्वतंत्र पत्रकार का इस तरह लापता हो जाना न केवल उनके परिवार के लिए, बल्कि पूरे पत्रकारिता समुदाय और समाज के लिए भी एक गंभीर खतरा है।
मध्य प्रदेश के स्वतंत्र पत्रकार और भारतीय मीडिया फाउंडेशन (नेशनल) के प्रदेश सचिव अमित चतुर्वेदी के अपहरण की खबर सामने आने के बाद, भारतीय मीडिया फाउंडेशन ने तत्काल कार्रवाई की मांग की है। मीडिया फाउंडेशन ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए पुलिस से अपहरणकर्ताओं का पता लगाने और अमित चतुर्वेदी को सुरक्षित वापस लाने की अपील की है।
घटना का विवरण
अमित चतुर्वेदी मध्य प्रदेश के सीधी जिले में रामपुर नैकिन थाना क्षेत्र के निवासी हैं। उनकी गुमशुदगी और संभावित अपहरण की सूचना मिलते ही भारतीय मीडिया फाउंडेशन (नेशनल) की टीम ने सक्रियता दिखाते हुए पुलिस से संपर्क किया। यूनियन ने उन सभी जगहों के सीसीटीवी फुटेज की जांच करने की मांग की है, जहाँ से उनके लापता होने की जानकारी मिली है। हालांकि, अभी तक इस मामले में कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया है।
मीडिया फाउंडेशन की मांग
भारतीय मीडिया फाउंडेशन के राष्ट्रीय कार्यालय, नई दिल्ली से जारी एक बयान में, अमित चतुर्वेदी के मामले में तत्काल और सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। फाउंडेशन का मानना है कि पत्रकारों को निशाना बनाना लोकतंत्र के लिए एक बड़ा खतरा है।
भारतीय मीडिया फाउंडेशन (नेशनल) के उत्तर प्रदेश इकाई से वृंदावन के सांस्कृतिक फोरम के महासचिव, तारु कौशिक ने इस मामले को बेहद गंभीर बताया है। उन्होंने कहा कि “हमें इस मुश्किल घड़ी में एक साथ खड़े होकर अमित चतुर्वेदी को न्याय दिलाना चाहिए।” उन्होंने मध्य प्रदेश पुलिस से इस मामले पर गंभीरता से ध्यान देने का आग्रह किया है, क्योंकि यह किसी भी व्यक्ति के साथ हो सकता है।
यह घटना दर्शाती है कि पत्रकारों को अक्सर अपने काम के दौरान खतरों का सामना करना पड़ता है। भारतीय मीडिया फाउंडेशन और पत्रकार समुदाय इस मामले पर कड़ी नजर रखे हुए हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि पुलिस जल्द से जल्द अमित चतुर्वेदी का पता लगाएगी।