
बरेली। आपको बताते चलें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बरेली आगमन के दौरान यूथ कांग्रेस कार्यकर्ता स्कूल मर्ज और महंगाई जैसे मुद्दों को लेकर ज्ञापन देने जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें पहले ही हिरासत में ले लिया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं को कैंट थाना ले जाया गया।
पूर्व महानगर अध्यक्ष अजय शुक्ला ने बताया कि उनके साथ अविनाश चौबे, राज शर्मा, पारस शुक्ला, साहिब सिंह, नदीम अहमद और फिरोज़ खान शामिल थे। इन सभी को पहले हाउस अरेस्ट किया गया और फिर थाने लाया गया।
वहीं, समाजवादी पार्टी युवजन सभा के महासचिव रितेश यादव ने बेरोजगारी जैसे मुद्दों को लेकर मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाने की चेतावनी सोशल मीडिया पर दी थी। भोजीपुरा पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें भी नजरबंद कर लिया।
सोशल मीडिया पर पुलिस की पैनी नजर
पुलिस का खुफिया विभाग पूरे दिन सोशल मीडिया पर सक्रिय रहा, जिससे कोई आपत्तिजनक या भड़काऊ पोस्ट न हो सके। हर छोटी-बड़ी पोस्ट पर निगरानी रखी गई।
इस बीच एक व्यक्ति ने मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान यूट्यूब कमेंट में लिखा —
“बरेली में मरीजों तक का रास्ता रोका हुआ है। मेरी भतीजी इलाज के लिए गई थी, हालत गंभीर है, लेकिन उसे निकलने तक नहीं दिया गया। इसका जिम्मेदार कौन होगा?”
युवाओं की आवाज़ दबाई जा रही है – विपक्ष
रितेश यादव ने कहा कि वह सिर्फ युवाओं के हक़ में आवाज़ उठा रहे थे। बेरोजगारी और महंगाई पर सोशल मीडिया पोस्ट के चलते उन्हें कार्यक्रम से पहले ही नजरबंद कर दिया गया।