
चोपन (सोनभद्र)। रेलवे सुरक्षा बल द्वारा मानव तस्करी और बाल मजदूरी के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत सोमवार देर रात एक बड़ी सफलता हाथ लगी। निरीक्षक प्रभारी रूपेश कुमार के निर्देशन में उप निरीक्षक प्रशांत कुमार, सहायक उप निरीक्षक रामकृष्ण राम, प्रधान आरक्षी अशोक कुमार और प्रधान आरक्षी अखिलेश कुमार राय द्वारा चोपन रेलवे स्टेशन परिसर में सघन गश्त की जा रही थी। रात करीब 11 बजे जब टीम PRS बिल्डिंग के पास पहुंची, तो वहां 6 नाबालिक बच्चे डरे और सहमे हुए बैठे मिले। पूछताछ में बच्चों ने अपना नाम-पता निम्नवत क्रमशः राज कुमार (16 वर्ष), पवन (12 वर्ष), विशाल (14 वर्ष), अमरनाथ (13 वर्ष), श्रवण (17 वर्ष), सूरज (14 वर्ष) सभी ग्राम गुरमुरा, थाना चोपन, जिला सोनभद्र के निवासी हैं। बच्चों ने बताया कि गाँव के ही दो व्यक्ति विक्रम नायक (22 वर्ष) एवं चुलबुल नायक (23 वर्ष) उन्हें पैसों का लालच देकर मेरठ मजदूरी कराने के बहाने बहला-फुसलाकर ला रहे थे। यह भी बताया गया कि उन्हें मेरठ में ईख के खेतों में काम पर लगाया जाना था, जहाँ 9000-10000 रुपये मजदूरी देने की बात कही गई थी। गश्त दल ने तत्परता दिखाते हुए बच्चों के बताए अनुसार टिकट काउंटर के पास मौजूद उक्त दोनों युवकों को रोक लिया। पूछताछ में उन्होंने स्वीकार किया कि वे बच्चों को काम पर ले जा रहे थे। उनके पास से 8 यात्रियों के सामान्य टिकट भी बरामद किए गए, लेकिन बच्चों को ले जाने हेतु कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। प्रथम दृष्टया यह मामला मानव तस्करी एवं बाल मजदूरी से जुड़ा प्रतीत हुआ। आरपीएफ टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सभी बच्चों को रेस्क्यू कर लिया एवं दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर आवश्यक विधिक कार्रवाई हेतु रेसुब पोस्ट चोपन लाया गया। रेलवे सुरक्षा बल की तत्परता से एक गंभीर अपराध को टाला जा सका है, जिसके लिए टीम की सराहना की जा रही है।रिपोर्ट सत्यदेव पांडे