
( योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के चलते गुंडे मवाली माफिया हुए धराशई )
एटा ! देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश के अंतर्गत आने वाले 82 एटा जनपद जो कभी दुर्दांत डाकू सुआराम ,छविराम यादव,पोथी, महावीरा, अलवर, कलुआ,नरेश धीमर , सागर मल्लाह आदि कुख्यात अपराधियों की शरण स्थली रहने के चलते उनके द्वारा किऐ जाने वाले संगीन अपराध जैसे लूट,डकैती,अपहरण, बलात्कार के कारण सरकार की नाक में दम करते हुए समूचे प्रदेश में सुर्खियों में रहा करता था ! आज एवं वही 82 एटा उत्तर प्रदेश के अंदर योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चल रही उत्तर प्रदेश की सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति से उत्तम प्रदेश बनने की ओर दौड़ में विकास की रफ्तार पकड़ रहा है ! वर्तमान परिदृश्य में एटा जनपद के अंदर विगत वर्ष 2024 की 14 जुलाई को बनारस से स्थानांतरित होकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक का पदभार ग्रहण करने वाले श्याम नारायण सिंह द्वारा जनपद की कानून व्यवस्था को लेकर अपने अधीनस्थ अधिकारियों के साथ मंथन करते हुए समूचे थाना क्षेत्रो में उत्तर प्रदेश सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को अक्षरशः अनुपालन करने के लिए जो रणनीति अपनाई गई , उसने धरातल पर उतरकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्याम नारायण सिंह के एक साल के कार्यकाल को बे- मिसाल साबित कर दिया है ! पिछले एक साल के कार्यकाल की कानून व्यवस्था को लेकर यदि हम समीक्षा करते हैं, तो हम पाते हैं कि समूचे जनपद में पुलिस की जागरूकता के चलते जो भी कम से कम अपराध घटित हुऐ, उनमें 95% अपराधों का शीघ्रतम अनावरण किया गया ! चाहे वह अपराध गोकसी करने वाले दबंग माफियाओं से मुठभेड़ के रहे हो अथवा हत्या, आत्महत्या, लूट ,चोरी ,छिनैती, बलात्कार, पोक्सो एक्ट आदि के रहे हो , वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्याम नारायण सिंह के निर्देशन में उनकी जांबाज पुलिस द्वारा शीघ्रतम अनावरण करते हुए माननीय न्यायालय में ठोस पैरवी करते हुए खूंखार अपराधियों को जेल की सीखचों में कैद करने के प्रयास किए हैं ! मृदुभाषी भाषा के धनी एवं सादगी व मधुर व्यवहार पसंद ,आध्यात्मिक सोच रखने वाले वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्याम नारायण सिंह द्वारा सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को अक्षरशः अनुपालन करने से जिले के अंदर गुंडे मवाली माफिया स्वतःही धराशाई हो गए हैं ! जिले के सभी थाना क्षेत्रों में भय मुक्त वातावरण का माहौल बना हुआ है, चारों तरफ 112 पुलिस मोबाइल टीमें दिन रात गस्त में लगी रहती हैं, किसी भी घटना की सूचना मिलने पर 5 से 10 मिनट के अंदर घटनास्थल पर पहुंचने का प्रयास कर उसके निस्तारण का प्रयास करती है ! हमने जो समीक्षा की है,उसके अनुसार पाया कि विगत एक वर्ष के अंदर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्याम नारायण सिंह अपने पुलिस दफ्तर मैं प्रतिदिन बैठकर जन शिकायतों एवं विभागीय कार्यों का ही निष्पादन नहीं करते बल्कि जमीन पर उतरकर रात्रि समय में भी संबंधित थाना क्षेत्रों में संचालित पुलिस चौकियों पर भी पहुंचकर निरीक्षण करते हुए ऐटा पुलिस को अपराधों के प्रति सचेत रहने के लिए जागरुक करते हैं !