
एटा,
पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने एवं अधिक से अधिक पौधारोपण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आज कलेक्ट्रेट सभागार में जिला वृक्षारोपण,गंगा एवं पर्यावरण समिति की बैठक जिलाधिकारी प्रेम रंजन सिंह के द्वारा दिए गए निर्देशों के क्रम में मुख्य विकास अधिकारी डॉ0 नागेंद्र नारायण मिश्र की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई।
बैठक में वृक्षारोपण अभियान 2025 के लिए प्रस्तावित स्थलों, पौधों की प्रजातियों, विभागवार लक्ष्य एवं गड्ढा खोदान तथा जनसहभागिता को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि प्रत्येक विकासखंड, ग्राम पंचायत, विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र, शासकीय भूमि एवं सड़कों के किनारे निर्धारित लक्ष्य के अनुसार पौधारोपण कराया जाए।
उन्होंने कहा कि “वृक्ष जीवन का आधार हैं, इनका संरक्षण और संवर्धन हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।” उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों से समन्वय बनाकर वृक्षारोपण कार्यक्रम को सफल बनाने का आह्वान किया। बैठक में
प्रभागीय वनाधिकारी के. सुन्दरेशा द्वारा वृक्षारोपण हेतु चयनित प्रजातियों की जानकारी दी गई तथा नर्सरी की वर्तमान स्थिति पर प्रस्तुतीकरण किया गया। उन्होंने कहा कि सभी विभागों की मांग के आधार पर स्वस्थ एवं लंबाई वाले पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे, स्कूल ,कॉलेज, महाविद्यालय आदि सुरक्षित परिसरों में ग्राफ्टेड फलदार पौधों का रोपण कराया जाएगा । जनपद में प्रवाहित होने वाली नदियों के किनारे भी सघन वृक्षारोपण का कार्य कराया जाएगा तथा जिन नदियों में इस्तेमाल किया पानी बिना शोधित किए बहाया जा रहा है उसे शोधित करने के उपरांत ही प्रवाहित किया जाएगा।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि वृक्षारोपण अभियान की निगरानी के लिए हरितिमा ऐप पर जियो टैगिंग व फोटोग्राफिक साक्ष्य के साथ पौधारोपण की पुष्टि की जाएगी। बैठक के दौरान जिला पंचायत राज अधिकारी मो0 जाकिर,जिला श्रम प्रवर्तन अधिकारी राज बाबू,जितेंद्र कुमार,आर्यन गौड़,नगरीय निकायों के अधिशाषी अधिकारी एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी आदि उपस्थित रहे।