
आदि वराह क्षेत्र का प्राचीन
सर्वसिद्धि शिवलिंग
पारना मठ “श्री रामायणेश्वर महादेव” जी
मथुरा- बरेली राष्ट्रीय राजमार्ग,
आवास विकास काॕलोनी कासगंज, ( उत्तर प्रदेश )
इतिहास एवं पुरातत्व की दृष्टि से ये शिव मंदिर लगभग पांच सौ वर्ष पुराना माना जाता है। कासगंज – सोरों जाने वाले राजमार्ग पर स्थित यह मंदिर पतितपावनी गंगा के समीपस्थ है। साथ ही तुलसी जन्म भूमि “सोरों” सूकर खेत से बहुत ही पास है।
मंदिर में श्री रामायणेश्वर शिव लिंग विराजमान हैं।
गंगा-जमुना की अंतर्वेदी में अवस्थित इस ” पारना मठ ” में
श्वेत संगमर्मर के शिवलिंग के समक्ष दक्षिण मुख किए श्री पंचमुखी हनुमान जी ! साथ ही चोला धारी रामदूत पवनपुत्र, अष्टभुजी दुर्गति नाशिनी श्री दुर्गा माता एवं शनि देव भी विद्यमान हैं।
प्राकृतिक सुरम्य एवं हरीतिमा से युक्त वातावरण में विराजित ये शिव मंदिर सदा भक्तों के आकर्षण का केंद्र बना रहता है। यहाँ
प्रात:काल से ही श्रद्धालु भक्त जनों ( आवाल, वृद्ध, नर-नारी सभी ) का आना जाना आरम्भ हो जाता है।संध्या आरती के साथ साथ, भजन कीर्तन, श्री राम चरित मानस, श्रीमद्भागवत गीता आदि के प्रवचन यहाँ निरन्तर गतिमान बने रहते हैं। जिन भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होतीं हैं वे यहाँ अनेकानेक धार्मिक और आध्यात्मिक आयोजन करते हुए पुण्य के भागी बनते हैं। इस प्रकार आये दिन यहाँ भंडारे प्रसाद आदि के आयोजन -प्रयोजन ,यहाँ चलते ही रहते हैं। यहाँ की सेवा-पूजा का दायित्व का निर्वाह करते हैं आचार्य श्री सुशील कुमार शर्मा ( त्यागी बाबा ).
“पारना मठ” बी.ए.वी. इण्टर कालेज के सामने, आवास विकास काॕलोनी कासगंज, सोरों गेट पर विद्यमान है।
डॉ.श्रीकृष्ण ‘शरद’
वरिष्ठ उद्घोषक (से नि) आकाशवाणी मथुरा-वृन्दावन/ आगरा