
कई महीनों से जिले के छोटे बड़े पत्रकारों द्वारा कई बार खबर चलाई गई थी, जलेसर से लेकर अलीगंज तहसील के रास्ते सदर तहसील तक खबरों का अम्बार लगा रहा लेकिन किसी भी तहसील के अधिकारियो के कानो पर कुत्ता नहीं भोकता मिला.
लेकिन जैसे ही जिलाधिकारी प्रेम रंजन सिंह द्वारा मीटिंग मे साफ शब्दों मे कहा गया कि जनपद की किसी भी तहसील मे खनन नहीं होना चाहिए, जिलाधिकारी द्वारा ज़ब सभी थाने बार तहसील के अधिकारियो की जिम्मेदारी तय की गई तो रात मे ही तमाम JCB और ट्रेक्टर,डम्पर ट्रेक मे आये और पकड़ कर थानो मे सुपुर्द किये गए है।
खनन से सरकार के राजस्व का नुकसान भी होता है और खनन होने से रोड रास्तो पर माफियाओ का बोलबाला भी होता है. लेकिन थानो से पुलिस चौकी तक सभी के अपने हिस्से होने से पत्रकारों द्वारा खबरों का कोई असर नहीं देखने KO मिलता है. इस पुरे प्रकरण मे ज़ब अंदर तक पता किया जाता है तो नेताओं से लेकर तहसील स्तर के अधिकारी भी शामिल मिले है. कहने का अर्थ है कि लूट मिल कर की जाती है हिस्सा अपना -अपना है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अभी हाल ही मे प्रदेश व जिले के अधिकारियो की मीटिंग मे खनन पर कठोर निर्णय लेने के लिए जिले के अधिकारियों को छुट दी है.
फिलहाल देखते है कितने दिन तक….. ये अराजकता बंद रहती है. या फिर प्रति ट्रेक्टर व डम्पर की कीमत बढ़ा कर बधाई ली जाएगी….
कुल मिलाकर जिलाधिकारी एटा का एक अच्छा प्रयास है परन्तु तहसील स्तर के अधिकारी कब तक…. खाली जेबो तक रह पाएंगे।
ग्राम पंचायत बागवाला,सेथरी,इसेपुर, दौलतपुर मुस्की,चाचरमऊ इन सभी स्थानों पर जमकर खनन होता हुआ पकड़ा गया है व डम्पर,ट्रेक्टर, JCB थानो मे सुपुर्द की गई है।